गुडगाँव में जलभराव से निजात के लिए मैराथन बैठक

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राव नरबीर ने अधिकारियो पर दबाव बढ़ाया

सभी चौराहे की होगी री-मॉडलिंग योजना

गुडग़ांव ।  गुडग़ांव से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-8 के तीन महत्वपूर्ण चौराहों के रीमॉडलिंग कार्य के लिए जन सेवाओं की लाइनों को स्थानांतरित करने को लेकर आज हरियाणा के लोक निर्माण, वन एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुडग़ांव के जिमखाना क्लब में नगर निगम, एनएचएआई, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में हीरों होंडा चौंक पर जलभराव की समस्या का समाधान करने के उद्द्ेश्य से बादशाहपुर ड्रेन का एजेंसी ऑडिट करवाने के बारे में भी निर्णय लिया गया।
आगामी रविवार 11 सिंतबर को केन्द्रीय सडक़ परिवहन, राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी गुडग़ांव में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन चौराहों-राजीव चौंक, सिग्रेचर टावर चौंक तथा इफ्को चौंक के री-मॉडलिंग कार्य का शुभारंभ करेंगे। राव नरबीर सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे इस री-मॉडलिंग कार्य के बीच में आने वाली जनसुविधाओं की लाइनों को स्थानांतरित किया जाना है जिसके लिए वे एस्टीमेट तैयार करके दें। सिग्नेचर टावर चौंक क्षेत्र में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम द्वारा 66 केवी तथा 220 केवी लाइनों को स्थानांतरित किया जाना है। इसी प्रकार, रीमॉडलिंग कार्य के दायरे में आने वाले पैट्रोल पम्प, सीएनजी स्टेशन तथा श्मशान घाट को भी शिफ्ट किया जाएगा। राव नरबीर सिंह ने बैठक में हुडा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस माह के अंत तक इन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट करवाना सुनिश्चित करें।
इसी प्रकार, रीमॉडलिंग कार्य में आने वाली वन विभाग की भूमि से संबंधित क्लीयरेंस करवाने के लिए नगर निगम को आदेश दिए गए। इस कार्य में लोक निर्माण के अधिकारी औपचारिकताएं आदि पूरी करवाने में उनका सहयोग करेंगे।
 बैठक में बताया गया कि हीरों होंडा चौंक पर एचएसआईआईडीसी की 629 वर्ग मीटर  जमीन उपलब्ध है जिसे आगामी एक सप्ताह के भीतर एनएचएआई को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हीरों होंडा चौंक से जल निकासी के लिए बादशाहपुर ड्रेन के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक मे नगर निगम आयुक्त ने कहा कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए एजेंसी ऑडिट किया जाना आवश्यक है जिसके लिए टैंडर कर दिए गए है, जो बुधवार को खोले जाएंगे। एजेंसी ऑडिट से उनका तात्पर्य था बादशाहपुर ड्रेन की खांडसा गांव में क्षमता कितनी है और बरसात में कितना पानी आता है और उसके लिए ड्रेन की क्षमता कितनी होनी चाहिए। इस कार्य के लिए एक स्वतंत्र कंसल्टेंट हाईड्रोलोजिस्ट की सेवाएं ली जाएंगी जिसके लिए टैंडर किया गया है। वह कंंसल्टेंट यह भी बताएगा कि हीरो होंडा चौंक का पानी निकालने के लिए और क्या वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकते हैं। हुडा प्रशासक ने बैठक में अपने विचार रखते हुए कहा था कि गांव खांडसा में बादशाहपुर ड्रेन का लेवल हीरो होंडा चौंक की तुलना में ऊचांई पर है जिसके कारण पानी का बहाव ठीक से नही बन पाता।
हुडा प्रशासक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों गुडग़ांव का दौरा करने के दौरान खांडसा रोड़ से अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए थे जिस पर कार्यवाही की जा रही है। साथ ही  उन्होंने बताया  कि खांडसा गांव में बादशाहपुर ड्रेन की क्षमता बढ़ाने के लिए यदि कुछ मकान मालिक अपने मकान हटाने के लिए सहमत हो तो उनका अधिग्रहण करके हुडा विभाग उन्हें वैकल्पिक प्लॉट दे सकता है। विभाग के पास 600 प्लॉट उपलब्ध है ।

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