केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए राष्ट्रीय संस्था के गठन पर विचार करेगी : अर्जुन मेघवाल

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केन्द्रीय मंत्री ने आइकेट निदेशक, दिनेश त्यागी को विशेषज्ञों के सुझाव आधारित एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा

देश में लिथियम उपलब्ध होने के संकेत मिलने का किया खुलासा

एक वर्ष पहले न्यू जेन सम्मिट का जो सपना हमने देखा वह साकार हुआ : दिनेश त्यागी

आगामी न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट अक्तूबर 2021 में आयोजित करने की घोषणा

विशेषज्ञों ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए नेशनल बॉडी के गठन की मांग उठाई

तीन दिवसीय सम्मलेन में 15 देशों के ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने भाग लिया

सुभाष चौधरी/thepublicworld.com

गुरुग्राम: केंद्रीय भारी उद्योग एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आइकेट की ओर से आयोजित न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट 2019 में नेशनल आटोमोटिव बोर्ड के गठन का जो प्रस्ताव सामने आया है उस पर भारत सरकार गंभीरता से विचार करेगी. उन्होंने आइकेट निदेशक दिनेश त्यागी से इस संबंध में विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल करते हुए एक प्रस्ताव उनके मंत्रालय को भेजने को कहा. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश होगी कि इस प्रकार की कोई राष्ट्रीय संस्था का गठन हो जिसकी जिम्मेदारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करने और विभिन्न मंत्रालयों के साथ कोआर्डिनेशन स्थापित करने की हो. इससे इस इंडस्ट्री के लिए नीति निर्धारित करना व उन पर निर्धारित समय सीमा में अमल कराना संभव होगा.

केंद्र सरकार के समक्ष इस प्रस्ताव को रखा जायेगा

श्री मेघवाल गुरुग्राम के शुक्रवार डॉ शाम मानेसर स्थित आइकेट के सेंटर टू में आयोजित न्यू जेन मोबिलिटी समिट 2019 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों ने 100 से अधिक टेक्निकल पेपर का प्रदर्शन किया. उस दौरान जो विचार विमर्श किया गया वास्तव में यह देश के हित में है. इससे देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की आवश्यकता एवं इनके अनुकूल नीतियों के निर्धारण की दृष्टि से विभिन्न मंत्रालयों के साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए जिस राष्ट्रीय संस्था के गठन की बात इस सम्मेलन में सामने आई है उसको लेकर वे स्वयं भी उत्साहित हैं और आइकेट के विशेषज्ञों के इस प्रस्ताव का पुरजोर वकालत करेंगे. उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार के समक्ष इस प्रस्ताव को रखा जायेगा.

वीएस 4 से वीएस 6 की ओर निर्धारित समय सीमा में

उन्होंने कहा वीएस 4 से वीएस 6 तकनीक वाले इंजन/ ईंधन की ओर हम निर्धारित समय सीमा के तहत स्थानांतरित होने के प्रयास में हैं. इसमें अलग अलग संस्थाओं एवं विभिन्न कंपनियों का पूरा सहयोग भी भारत सरकार को मिल रहा है . उन्होंने कहा कि इसके लिए इंडियन आयल सहित सभी आयल कंपनियों ने भी अपनी तैयारी लगभग कर ली है. केंद्र सरकार की ओर से सभी कंपनियों से भी इस मद में मदद देने के लिए आग्रह किया गया है.

भारत सरकार इ-मोबिलिटी को बढ़ावा देना चाहती है

उन्होंने कहा कि भारत सरकार इ-मोबिलिटी को बढ़ावा देना चाहती है और सरकार की ओर से वर्तमान बजट में फैब इंडिया के लिए 10,000 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सभी बड़ी कंपनियों को अलग-अलग क्षेत्रों में इलेक्ट्रिकल चार्जिंग स्टेशन की स्थापना करने की सलाह दी गई है . इसके साथ ही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को न्यू टेक्नोलॉजी अडॉप्ट करने की दृष्टि से और भी अन्य प्रकार के सहयोग केंद्र सरकार की ओर से मिलेंगे.

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भी बड़ा योगदान

केंद्रीय भारी उद्योग राज्यमंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त किया की चौथी औद्योगिक क्रांति में जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की आर्थिक शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा है तो इसमें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भी बड़ा योगदान होगा. इसलिए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस बात के लिए आश्वस्त रहे कि विकास के इस प्रयास में उन्हें भी साथ लिया जाएगा और उनके विकास लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

पुराने वाहनों की रीसाइक्लिंग भी बड़ी चुनौती

उन्होंने आश्वस्त किया कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट की दृष्टि से पैसे की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी. केन्द्रीय मंत्री ने विशेषज्ञों की ओर से आने वाले समय में बड़े पैमाने पर पुराने वाहनों के रूप में बनने वाले ऑटोमोबाइल कचरे के निस्तारण की चिंता के प्रति सहमति जताई. उन्होंने माना कि अगले 10 से 15 साल के दौरान पुराने वाहनों की रीसाइक्लिंग करने की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती होगी. इसके लिए अलग से रीसाइक्लिंग यूनिट की स्थापना करनी होगी साथ ही इतने बड़े पैमाने पर जमा होने वाले वेस्ट मटेरियल की प्लेसिंग की दृष्टि से भी जगह का चयन करना होगा.

आइकेट के निदेशक दिनेश त्यागी की बारंबार सराहना की

केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण के दौरान तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय न्यू जेन मोबिलिटी समिट 2019 को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए आइकेट के निदेशक दिनेश त्यागी की बारंबार सराहना की. उन्होंने कहा कि यह सही है कि उनका 1 साल पूर्व देखा गया इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन का सपना साकार हुआ और आने वाले अक्टूबर 2021 में प्रस्तावित न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट के लिए अपनी शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन वास्तव में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि देश के लिए भी बहुत लाभकारी होते हैं और आइकेट की पूरी टीम इसके लिए सराहना के पात्र हैं कि उन्होंने इतने बड़े आयोजन के लिए बेहतरीन व्यवस्था की जिसमें 15 देशों के ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने भाग लिया और आपस में तकनीकी आदान-प्रदान एवं विचार विमर्श किया.

आगामी न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट अक्तूबर 2021 में

उनका कहना था कि आगामी प्रस्तावित न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट 2021 देश की आजादी के 75 वर्ष में आयोजित होगा जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत महोत्सव का नाम दिया है. उन्होंने कहा यह हमारे लिए और भी खुशी की बात होगी कि 75 वें वर्ष यानी अमृत महोत्सव के दौरान आइकेट जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था का भी इस आयोजन के माध्यम से बड़ा योगदान होगा. तब उन्होंने इशारे इशारे में बताया की अक्तूबर 2021 में होने वाले उस सम्मेलन में संभव है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं।

राजस्थान में लिथियम उपलब्ध होने के संकेत

श्री मेघवाल ने कहा कि इंडियन आयल कंपनी के निदेशक की ओर से जो चिंता देश के पास लिथियम नहीं होने की व्यक्त की गई है यह आने वाले समय में शीघ्र ही निर्मूल साबित होगी. क्योंकि राजस्थान के नागौर- थार में लिथियम उपलब्ध होने के संकेत मिले हैं . उन्होंने बताया कि राजस्थान के उक्त क्षेत्र में पोटाश की उपस्थिति बड़ी मात्रा में है जहां लिथियम होने के संकेत मिले हैं .

ई – मोबिलिटी को प्रभावी बनाने में कठिनाई नहीं

उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि ई – मोबिलिटी को प्रभावी तरीके से देश में लागू करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आएगी और देश लिथियम की बैटरी बनाने की दृष्टि से भी आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर बन सकता है. उन्होंने तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान 100 से अधिक टेक्निकल पेपर्स प्रदर्शित करने वाले रिसर्च स्कॉलर्स स्टूडेंट्स और अलग-अलग कंपनियों के विशेषज्ञों को बेहतरीन तकनीकी प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया और भविष्य में और भी बेहतर तकनीकि खोज करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।

एक वर्ष पहले जो सपना हमने देखा वह साकार हुआ : दिनेश त्यागी

समापन समारोह में अपने स्वागत भाषण में आइकेट के निदेशक दिनेश त्यागी ने कहा कि 1 वर्ष पहले जो सपना हमने देखा था वह पूरी टीम, नैट्रिप और केंद्रीय मंत्री के संरक्षण में साकार हो पाया. उन्होंने कहा कि कई प्रकार की चुनौतियों के बीच हमने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को सफलता की सीढ़ियों तक पहुंचाया. लगभग 1 वर्ष पहले हमने सोचा था कि उत्तर भारत में ऑटोमोबाइल की सभी कंपनियों और अलग-अलग देशों के टेक्निकल एक्सपोर्ट्स को यहां आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा किए जाएं और अपने देश में इस क्षेत्र में हम क्या नया कर सकते हैं इस पर विचार किया जाये . मोबिलिटी के क्षेत्र में जो समस्या हमारे देश में है उसका निदान हम कैसे करें इस पर गंभीरता से विचार किया जाए . सम्मलेन की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट में 15 से अधिक देशों के विशेषज्ञों ने भाग लिया 100 से अधिक टेक्निकल पेपर रखे गए. कई नई प्रतिभाओं को अपनी क्षमता का खुल कर प्रदर्शन करने का मौका मिला.

14 प्लेनरी सेशन जबकि 92 ट्रेक इवेंट्स आयोजित

उन्होंने बताया कि 3 दिन के अंदर लगातार 6 कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में अलग-अलग विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और टेक्निकल पेपर्स रखे.. 14 प्लेनरी सेशन भी आयोजित किए गए. 92 ट्रेक इवेंट्स प्लेन किए गए थे जिनमें एडास , हाइड्रिक वाहन , ई वाहन, हाइड्रो फ्यूज़न वाहन सहित अन्य प्रकार के वाहनों का ट्रैक प्रदर्शन हुआ. इनके अलावा टू व्हीलर व फोर व्हीलर यहां तक कि बसों का भी प्रदर्शन किया गया. इनको लेकर इंजीनियर्स में बड़ा उत्साह देखा गया.

लेबोरेटरी में भी टेक्नोलॉजिकल डेमोंसट्रेशन का आयोजन

उन्होंने कहा कि इस परीक्षण को देखने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई. इनके अलावा आइकेट के लेबोरेटरी में भी टेक्नोलॉजिकल डेमोंसट्रेशन का आयोजन किया गया. इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों को टेक्नोलॉजिकल ट्रेनिंग भी दी गई. इंस्ट्रूमेंट को कैसे सेट किया जाए टेस्टिंग का तरीका भी बताया गया. उनके अनुसार सेंटर के क्रेस लैब में भी दो वाहनों को क्रेस कराया गया. यह लोगों के लिए कौतुहल का विषय था. इसकी भी डमी ट्रेनिंग दी गई. लगभग 200 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया.

औद्योगिक क्षेत्र में मंदी का असर न्यू जेन समिट पर

श्री त्यागी ने सम्मेलन की सफलता को अपने शब्दों में रेखांकित करते हुए कहा की न्यू जेन सम्मेलन का समय थोड़ा अनुकूल नहीं रहा क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में मंदी के कारण बड़ी संख्या में कंपनियों ने ट्रैवल पर प्रतिबंध लगा रखा है. इसलिए उम्मीद के अनुरूप देश के कई ऐसे राज्य जिनमें दक्षिण भारत के राज्य शामिल हैं वहाँ से इस सम्मेलन में प्रतिनिधित्व अपेक्षित तौर पर नहीं रहा. बावजूद इसके उत्तर भारत और साथ लगते राज्यों से काफी प्रतिनिधि आए.

सम्मेलन का कंसेप्ट और फॉर्मेट सघन था

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का कंसेप्ट और फॉर्मेट इतना सघन था कि इसमें और भी प्रतिनिधियों को सुविधा पूर्वक शामिल कराया जा सकता था. एक साथ 14 स्थानों पर गतिविधियां आयोजित किए जाने, लेबोरेटरी के अंदर, एक्सपोजिशन के आयोजन के दौरान, एवं अन्य एक्टिविटीज में प्रतिदिन कम से कम 4 से 5000 लोगों को समायोजित किया जा सकता था. इन 3 दिनों में कई प्रतिनिधियों ने आइकेट के सेंटर वन को भी विजिट किया.

अक्टूबर 2021 में प्रस्तावित न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट वृहत होगा

उन्होंने कहा कि इस दौरान मुझे इस बात का एहसास हुआ कि इस बड़े सम्मेलन में आने वाले लोगों की संख्या का जो आकलन किया गया था उसको लेकर कुछ और सोचने की जरूरत थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े आयोजन में आइकेट के पास जो सुविधाएं हैं उस दृष्टि से 3000 से अधिक लोगों को विभिन्न जगहों पर आयोजन के लिए वितरित करने से सम्मेलन व्यवस्थित तो रहा लेकिन इसमें और अधिक लोगों को आमंत्रित करने की आवश्यकता महसूस हुई. उन्होंने कहा की अक्टूबर 2021 में प्रस्तावित न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट का दूसरा आयोजन इस लिहाज से और अधिक विशाल होगा जिसमें अधिक से अधिक विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा और भागीदारी के लिए भी अधिकतम प्रतिनिधियों को मौका दिया जाना संभव होगा.

एकेडमिक क्षेत्र के और अधिक विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा

आइकेट निदेशक दिनेश त्यागी ने स्पष्ट किया कि आगामी प्रस्तावित न्यू जेन सम्मेलन में एकेडमिक क्षेत्र के और अधिक विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि प्रत्येक गतिविधि के अंदर पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो सके. श्री त्यागी ने कहा कि न्यू जेन मोबिलिटी सम्मिट को हम आने वाले वर्ष में एक ऐसे प्लेटफोर्म के रूप में विकसित और स्थापित करना चाहते हैं जो देश के लिए फ्यूचर मोबिलिटी सॉल्यूशन का रोड मैप तैयार करने में दिशा प्रदान कर सके.

ऑटोमोबाइल के लिए नेशनल बॉडी के गठन की मांग उठी

उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान समापन समारोह से पहले विशेषज्ञ के एक विचार विमर्श के दौरान एक प्रस्ताव सामने आया कि ऑटो इंडस्ट्री को अलग-अलग मंत्रालय विभिन्न विषयों की दृष्टि से गाइड करते हैं तो इसलिए एक नेशनल बॉडी का गठन किया जाए जो सभी मंत्रालयों के बीच में ब्रिज का काम करें जो उद्योग और विभिन्न मंत्रालयों के बीच में कोआर्डिनेशन स्थापित कर सकें. साथ ही केंद्र सरकार की जो आवश्यकताएं हैं उसकी पूर्ति का भी ख्याल रखा जा सके. उन्होंने सुझाव दिया कि उक्त संस्था के पास आवश्यक विशेषज्ञता भी मौजूद हो जो सड़क, सुरक्षा, प्रदूषण एवं अन्य आवश्यकताओं के अनुरूप अगले 10 साल के लिए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की दृष्टि से रोड मैप तैयार कर सके.

आइकेट निदेशक ने केंद्रीय मंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया

उनका कहना था कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर का इकोनामिक पावर बनाने का जो विजन है उसमें भी उक्त संस्था से मदद मिलेगी . ऐसी तकनीक और व्यवस्था को हम उनके माध्यम से विकसित कर ससकेंगे जो हमारे देश के लोगों की जरूरत हो. साथ ही जिन समस्याओं से हम जूझ रहे हैं उनको भी ध्यान में रखकर नई टेक्नोलॉजी डेवलप करने एवं अन्य उपायों को लेकर गंभीर प्रयास करें. उन्होंने बल देते हुए कहा कि इस प्रकार के कदम उठाने से सरकार और उद्योग दोनों के लिए अनुकूल स्थिति पैदा होगी जिसमें ऑटोमोबाइल क्षेत्र का सक्रिय योगदान सुनिश्चित किया जा सकेगा. श्री त्यागी ने केंद्रीय मंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में आइकेट की ओर से एक विस्तृत प्रस्ताव विभाग के माध्यम से भारी उद्योग मंत्रालय को भेजा जाएगा .

आइकेट की 150 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने संभाला आयोजन का जिम्मा

न्यू जेन सम्मिट 2019 के आयोजन की तैयारी व सफलता का राज साझा करते हुए श्री त्यागी ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय लिया था कि इसे आउट सोर्स करने की बजाय आइकेट की 150 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ही अपने बल पर इसे बनाए और यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा. उनके अनुसार इस पूरे आयोजन के संयोजन की जिम्मेदारी आइकेट के वरिष्ठ अधिकारी मधुसूदन जोशी ने बखूबी निभाया. इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से सम्मेलन के बारे में अपने सुझाव प्रेषित करने का आग्रह किया जिनके आधार पर आने वाले समय में न्यू जेन एंड मोबिलिटी सम्मिट को दुनिया के सर्वोत्तम ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजिकल प्लेटफार्म के रूप में स्थापित किया जा सके.

और कौन कौन सम्मेलन में आये ?

समापन समारोह को होंडा मोटर्स से यूसी मोरिया, इंडियन आयल के डायरेक्टर एस एस रामकुमार, जेबीएम ग्रुप के कार्यकारी डायरेक्टर निशांत आर्या, होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड के प्रवीण परांजपे एवं वोल्वो इंडिया लिमिटेड के चार्ल्स फ्रंप ने भी संबोधित किया.

रिसर्च पेपर प्रदर्शित करने वाले को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान आइकेट के निदेशक दिनेश त्यागी ने मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का मोमेंटो और शॉल प्रदान कर स्वागत किया. साथ ही सभी अतिथियों को भी सम्मानित किया. इससे पूर्व सम्मेलन के दौरान कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले और अलग-अलग विषयों पर अपने रिसर्च पेपर प्रदर्शित करने में अव्वल रहने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे आईआईटी व अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों और बड़े ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन के संयोजक एवं आइकेट के डीजीएम मधुसूदन जोशी ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, छात्रों, एवं ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया.

इस अवसर पर आइकेट की सीनियर जीएम प्रमिला टिक्कू सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी और 15 देशों से आये विशेषग्य एवं औद्योगिक प्रतिनिधि भी मौजूद थे.

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