हरियाणा के सुशासन सहयोगी अब कालेज का स्तर सुधारेंगे

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गुरूग्राम । सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार करने के बाद अब मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) युनिवर्सिटी और काॅलेजों में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने में सहयोग देंगे।

सीएमजीजीए का नया बैच ज्वायन कर चुका है और यह बैच शुरू में नगरपालिका व नगर निगमों के प्रोपर्टी टैक्स मोड्यूल , स्वच्छ सर्वेक्षण मोड्यूल, हायर ऐजुकेशन मोड्यूल तथा वीमेन सेफटी मोड्यूल पर काम करेगा। प्रदेश में 376 काॅलेज तथा 26 युनिवर्सिटी हायर और टैक्निकल ऐजुकेशन विभाग के अधीन कार्यरत हैं जिनमें से 10 स्टेट युनिवर्सिटी हैं। राज्य में 157 राजकीय महाविद्यालय हैं। सीएमजीजीए प्रोजेक्ट के निदेशक डा. राकेश गुप्ता ने बताया कि हायर ऐजुकेशन मोड्यूल के अंतर्गत वर्तमान में 7 सरकारी युनिवर्सिटियों तथा 32 सरकारी काॅलेजों को नैक अक्रिडिटेशन रैंकिंग प्राप्त हैं। अब सन् 2019-20 में 9 युनिवर्सिटी तथा 60 काॅलेजों को और 2020-21 में 10 सरकारी युनिवर्सिटी तथा 156 सरकारी काॅलेजों को नैक अक्रिडिटेशन रैंकिंग में लाने का लक्ष्य है। यही नहीं, सन् 2020-21 तक हरियाणा की 5 सरकारी युनिवर्सिटी तथा 10 सरकारी काॅलेजों को एनआईआरएफ रैंकिंग में टाॅप 100 लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अब काॅलेजों में भी इंटरनल अस्समेंट शुरू की जाएगी और नैक अक्रिडिटेशन के सभी पैरामीटरों के हिसाब से काम किया जाएगा। इसमंे शिक्षा में गुणवत्ता लाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं जुटाई जाएगी।

डा. गुप्ता ने बताया कि एडमिशन पोर्टल पर निर्धारित पैरामीटरों के साथ पब्लिक डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा जिसे आम जनता देख पाएगी।
प्रोपर्टी टैक्स मोड्यूल पर चर्चा करते हुए बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 32 लाख प्रोपर्टी रजिस्टर्ड हैं जिनसे प्रोपर्टी टैक्स नगर निगम, नगर परिषद तथा नगर पालिकाओं के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। नगर निगम तथा पालिकाएं सरकार के खजाने में राजस्व प्राप्ति का अच्छा स्त्रोत हैं । वर्ष 2017-18 में इन संस्थाओं से सरकार को लगभग 472 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ।

अब प्रोपर्टी रजिस्टेªशन का दायरा बढ़ाने पर काम किया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्रदेश में 60 से 100 लाख प्रोपर्टी हैं। इसका तात्पर्य है कि प्रोपर्टी टैक्स से आमद तीन गुणा बढ सकती है।

इस मोड्यूल पर सीएमजीजीए काम करेंगे।
इसके अलावा, स्वच्छ सर्वेक्षण मोड्यूल में काम किया जाएगा ताकि हरियाणा को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में देश के पहले पांच स्थानों में लाया जा सके। इसके लिए 2000 अंको का तिमाही स्वच्छ सर्वेक्षण किया जा रहा है। अपै्रल से जून तिमाही का सर्वेक्षण हो चुका है और अब जुलाई से सितंबर तक तथा अक्तुबर से दिसंबर तक की तिमाही का सर्वेक्षण होगा। डा. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहत्तर काम करने के लिए हर जिला में एक शहर अथवा कस्बे में वेस्ट मैनेजमेंट की पूरी साईकिल सफलतापूर्वक लागू करने का लक्ष्य है।

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