कर्नाटक मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा , कांग्रेस का वाक आउट, मुम्बई में कर्नाटक के मंत्री डी के शिवकुमार गिरफ्तार

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नई दिल्ली । कर्नाटक में राजनीतिक उठापटक जारी है। उसका असर पर देश की संसद में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को शुरू हुआ गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आज भी लोकसभा में कर्नाटक का मुद्दा उठाया और शिकायत की की मुम्बई के होटल में ठहरे कर्नाटक के विधायको से कर्नाटक के मंत्री डी के शिवकुमार को नहीं मिलने दिया है रहा है। कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा से वाक आउट किया जबकि दूसरी तरफ अपनी सरकार बचाने की कवायद में कांग्रेस और जेडीएस दोनों जुटे हुए हैं। मुम्बई में मंत्री डीके शिवकुमार को पुलिस ने गिराफ्तार कर लिया है।

लोकसभा में कांग्रेस ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम का मुद्दा उठाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कर्नाटक में जद(एस)..कांग्रेस गठबंधन सरकार को सत्ता से हटाने की ‘‘साजिश रचने’’ तथा महाराष्ट्र में ‘‘मार्शल लॉ’’ लागू होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कर्नाटक के सिंचाई मंत्री डी के शिवकुमार को मुम्बई में असंतुष्ट विधायकों से मिलने से रोके जाने एवं विधायकों की खरीद फरोख्त करने का आरोप लगाया । इस मामले में सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा सहित विपक्षी दलों ने सदन से वाकआउट किया । संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों को साथ रखने में विफल रहने के कारण ऐसे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायकों ने डी के शिवकुमार से खतरा होने के बारे में मुम्बई के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा था और इस शिकायत के आधार पर इन विधायकों को पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है ।

जोशी ने कहा कि मुम्बई में जिन विधायकों के होटल में रूकने की बात की गई है, वे कांग्रेस से विधायक हैं । उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया है । उन्होंने मुम्बई के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा कि उन्हें डी के शिवकुमार से खतरा है । ऐसे में पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रही है तो क्या गलत है ।

उन्होंने कहा कि जहां तक विधायकों के इस्तीफे की बात है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी ने इस्तीफे का जो सिलसिला शुरू किया, उसी कड़ी में इन विधायकों ने इस्तीफा दिया है ।

इससे पहले, शून्यकाल शुरू होने पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी इस विषय को उठाना चाहते थे । इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जायेगा ।

चौधरी ने कहा कि कर्नाटक में मौजूदा सरकार को ‘‘गिराने की साजिश’’ की जा रही है। इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गिराने के लिये विधायकों की खरीद फरोख्त की जा रही है । महाराष्ट्र में तो ‘‘मार्शल लॉ’’ लागू हो गया लगता है । कर्नाटक के सिंचाई मंत्री मुम्बई के होटल में विधायकों से मिलना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक दिया, होटल में उनकी बुकिंग रद्द कर दी गई ।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा ‘‘ हमारे एमएलए को ले गए हैं, चुने हुए प्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त का प्रयास किया जा रहा है। हिन्दुस्तान के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ’’ इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि रोज रोज एक ही विषय को उठाना ठीक नहीं है। ‘‘यह सदन आपका है । ’’ इसके बाद कांग्रेस सदस्य आने स्थान से नारेबाजी करने लगे । वे ‘वी वांट जस्टिस’ (हमें न्याय चाहिए) के नारे लगा रहे थे । कुछ देर बाद कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे ।

कांग्रेस सदस्य सोमवार से ही संसद में कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के करण बनी राजनीतिक अस्थिरता का मुद्दा उठा रहे हैं और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों को प्रलोभन देकर दल बदल कराने का आरोप लगा रहे हैं।

मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा छाया रहा । विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल पाया और भोजनावकाश के बाद उच्च सदन को दिनभर के लिये स्थगित करना पड़ा ।

कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बुधवार को भी बाधित रही और कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इधर कुमारस्वामी सरकार का दावा है कि सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है। इन सबके बीच मुंबई में ठहरे हुए कांग्रेस के बागी विधायकों ने डी के शिवकुमार से अपनी जान का खतरा बताया है। बागी विधायकों की मांग पर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई के जिस होटल रैनिसेंस में बागी विधायक रुके हुए हैं उसकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मुम्बई के एडिश्नल पुलिस कमिश्नर ने स्वयं ही होटल की सुरक्षा का जायजा लिया। बागी विधायकों की मांग पर महाराष्ट्र स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स और रॉयट कंट्रोल पुलिस ने होटल रैनिसेंस के चारो तरफ डेरा डाल लिया है।

बागी विधायकों ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि सीएम एच डी कुमारस्वामी और डी के शिवकुमार होटल में तोड़फोड़ करने आ रहे हैं। इस तरह की जानकारी के बाद वो लोग डरे हुए हैं।

बागी विधायकों को मनाने गए कांग्रेस के संकटमोटक डी के शिवकुमार को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले कर होटल में घुसने से रोक दिया है जबकि होटल प्रबंधन ने शिवकुमार की बुकिंग रद्द कर दी है। हालाकिं शिवकुमार इस बात पर अड़े हैं और कह रहे हैं कि वे विधायकों से3 मिल कर ही जायेंगे । इसके साथ ही पुलिस ने पोवई पुलिस स्टेशन के हद में आने वाले इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया

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