पश्चिम बंगाल से चार शव मेवात पहुंचे, इलाके में मचा कोहराम

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: एक परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम का माहौल

: मेवात से असम में रिश्तेदारी में मिलने गया था परिवार

: शुक्रवार की सुबेह बंगाल के सिलीगुडी जिला में हुआ हादसा

: रविवार देर शाम चारों शव गांव मल्लाहका पहुंचे

: परिवार का आरोप करीब 10 तोला सोना, दो मोबाइल और 70 हज़ार रुपए हादसा के बाद गायब

 

यूनुस अलवी

 
मेवात :  पुन्हाना खंड के गांव मल्लाहाका निवासी एक परिवार के चार लोगों की तीन दिन पहले पश्चिम बंगाल के सिलीगुडी जिला में सडक हादसे हुई मौत के बाद सभी शव रविवार की देर रात गांव पहुंचे। जैसे ही शव गांव पहुंचे तो इलाके में मातम का माहौल छा गया। हर आदमी के चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। मृतक परिवार का शांत्वना देने के लिए राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और इलाके के हजारों पंच सरपंचों का गांव मल्लहाका में तांता लग गया। देर रात ही चारों शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया। सडक हादसा शुक्रवार की सुबेह करीब साडे सात बजे बंगाल के सिलीगुडी जिला में हुआ। जुम्मेखा का परिवार असम में रिश्तेदारी में मिलने बुधवार को गया था। इस हादसे में 60 वर्षीय जुम्मे खां के दो लडके, एक लडकी और पत्नि की मौत हो गई।
 
    गांव मल्लाहका निवासी जुम्मे खान ने बताया कि उसकी 1974 मेंं पहली शादी हुई थी। शादी के बाद उसके 5 बच्चे हुऐ लेकिन बिमारी के चलते पहली पत्नी की वर्ष 1998 में मौत हो गई।  पांच छोटे-छोटे बच्चे बेसहारा रह गऐ। जुम्मेखां ने बच्चों की देखभाल के लिए असम से तसलीमा बानों के साथ मुस्लिम रिति रिवाज से 1999 में शादी की। तसलीमा बानों से दो लडका और दो लडकी पैदा हुई। 
   
जुम्मे खा ने बताया पत्नी तसलीमा बानों के नाना की कुछ दिन पहले आसाम में मौत हो गई थी। जिसकी 22 अप्रैल को फातिहा थी। फातिहा में शामिल होने के लिए जुम्मेखां का पूरा परिवार जिसमें बुधवार को डिजायर कार से गया था। बंगाल के सिलीगुडी जिला के थाना कानकी के गांव चाकुलिया के नजदीक कार का टायर फट गया। जिसकी वजह से कार सडक से नीचे कई पेडों से टकराती हुई पलट गई जिसमें जुुुम्मेखां के 25 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सलीम, 38 वर्षीय पत्नि तसलीमा बानों, 13 वर्षीय पुत्री फरजाना और 15 वर्षिय पुत्र वसीम की मौके पर ही मौत हो गई जबकी 18 वर्षिय पुत्री नजराना गंभीर रूप से घायल हो गई। 
 
   जुम्मे खान ने बताया कि उनके परिवार के महिला और लडकों के पास करीब 10 तोला सोना, 4 मोबाइल और 70 हज़ार रुपए व तीन बेग थे। हादसा के बाद पुलिस ने उन्हें केवल 2 बेग ओर 2 मोबाइल दिए है। बाकी सामान पुलिस ने रख लिया।
 
   गांव से पूर्व सरपंच सपात खान ने बताया कि रविवार की देर रात सभी शव गांव पहुंच गए है जिनको गांव के कबिस्तान में दफना दिया गया है। उनका कहना है कि जुम्मेखां गरीब परिवार से ताल्लुक रखता सरकार को उनकी आर्थिक मदद करनी चाहिए।
   वहीं कानकी थाना प्रभारी चंदन सिंह ने फोन पर बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम कराकर मेवात भेज दिया गया हैं। एक घायल लडकी की हालत नाजुक बनी हुई है। जिसका इलाज चल रहा है। उन्होने मृतकों के परिजनों के आरोपों पर कहा कि शवों के पास उन्हें जितना सामान मिला वो परिजनों को सौंप दिया गया है।
 
सांत्वना देने पहुंचे नेता
 
फिरोजपुर झिरका से विधायक नसीम अहमद, मेवात जिला प्रमुख के ससुर भाजपा नेता आलम उर्फ मुंडल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव मामन खां इंजिनियर और पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद सहित कई बडे राजनेता मृतक परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। वहीं उन्होने सरकार और प्रशासन से मृतक परिवार की अर्थिक मदद करने की मांग की है।

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