भारत- नेपाल सीमा : खतरा इधर भी है

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पटना : भारत विरोधियो का शरण स्थली यो कहे सुखी एवं खुली सीमा का लाभ उठाने का प्रयास मे नेपाल का उपयोग पिछले काफी दिनो से किया जा रहा है… हाल के दिनो मे आतंकी संगठनो से जुडी तार इन इलाको मे देखने सुनने को मिला है चीन द्धारा भारत के इन सीमाई इलाको के ग्लोबल टेंडरो मे बढी दिलचस्पी,मादक द्रव्यो की पकड़ी जा रही बड़ी खेपो से यह साबित हो रहा है कि इन इलाको मे भी proxy war(छद् म युद्ध) की तैयारी बड़े पैमाने पर है
नेपाली राजाऔर उनके पूरे परिवार की रहस्मय मृत्यु,नेपाल मे हुए गृहयुद्ध जारी अस्थिरता,नेपाली सांसद रहे सलीम अंसारी एवं मिर्जा तक पाक खुफिया एजेंसी की पहुँच जैसी अनेकानेक पुख्ता सबूत इस बात की इत्तेला करती है कि भारत विरोधियो की कुदृष्टी इन सीमाई इलाको पर है
हाँलांकि पाक के सैन्य शासक रहे जनरल जिया ने आपरेशन टोपाक मे भी नेपाल के इस्तेमाल की योजना बनायी थी जिसमे भारत के नौजवानो को नशे के आदी बनाने के लिए इस खुली सीमाई रास्ते के उपयोग देने पर बल दिया गया था वही चीन निर्मित हथियारो का नक्सलियो तक पहुँचना.. यह साबित करता है कि खतरा दो तरफा है यानी चीन और पाक परस्त sleeper cell से यह बात दीगर है कि SSB,CRPF, RPF एवं सीमाई जिलो मे तैनात स्थानीय पुलिस की तत्परता से उनके मंसूबे कामयाब नही हो पा रहे है लेकिन अब चुँकी भारत आतंक के खिलाफ ताल ठोक दिया है ऐसे मे इन सीमाई इलाको मे सर्तकता बढाने और पुख्ता करने की जरूरत बढ गई है..

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