” स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना फीडबैक स्वच्छ मैप मोबाइल एप से दें “

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गुरूग्राम  02 जनवरी। गुरुग्राम में शुरू होने जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे अहम् भूमिका आमजन की होगी क्योंकि लोगों द्वारा स्वच्छता को लेकर दिए जाने वाला फीडबैक स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग का आधार रहेगा। सिटीजन अपना फीडबैक स्वच्छ मैप मोबाइल एप के माध्यम से दे सकते हैं। 
 
यह बात आज गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने अपने कार्यालय में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता सर्वेक्षण 4 जनवरी से शुरू होने जा रहा है जो मार्च के अंत तक चलेगा और इसमें सभी शहरी क्षेत्रों के बीच अपने आप को ऊपर लाने की प्रतिस्पर्धा रहेगी। सभी चाहते हैं कि हमारा शहर स्वच्छता के पैमाने पर देश में अव्वल आए। श्री सिंह ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा तिथियां निर्धारित करनी शुरू कर दी गई हैं। इस कड़ी में गुरुग्राम जिला के पटौदी नगरपालिका क्षेत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए 4 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है तथा सोहना नगर परिषद् क्षेत्र के लिए 8 जनवरी निर्धारित की गई है।
 
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की टीम यहां पहुंचेगी जो स्वच्छता संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की बारिकी से जांच करेगी। उन्होंने आज अपने कार्यालय में शहरी स्थानीय निकाय की नगरपालिका व नगर परिषद् क्षेत्रों के  म्युनिसिपल सचिवों तथा मैकेनिकल इंजीनियरों की बैठक ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया भी उपस्थित थे। 
 
उपायुक्त ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान गुरुग्राम जिला के लोगों से भी स्वच्छता संबंधी फीडबैक लिया जाएगा जिसमें उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें पिछले एक साल के दौरान स्वच्छता को लेकर किस प्रकार के  बदलाव देखने को मिले। टीम द्वारा आंकलन किया जाएगा कि लोग अपने नगर निगम, नगरपालिका या नगर परिषद् क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर कितने जागरूक हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि टीम द्वारा लोगों से पूछा जा सकता है कि पिछले एक साल में खुले में शौच को लेकर जिला में कितना परिवर्तन आया है।
 
लोगो में स्वच्छता को लेकर जागरूकता का भी आंकलन किया जाएगा जिसके अलग से अंक दिए जाएंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के 35 प्रतिशत, सर्विस लेवल प्रोग्रेस अर्थात् कचरे का संग्रहण व परिवहन आदि संबंधी गतिविधियों के 35 प्रतिशत अंक तथा स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम द्वारा की जाने वाली डायरेक्ट आब्जरवेशन के 30 प्रतिशत अंक होंगे। 
 
 स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगरपालिका सचिवों ने सैल्फ असेसमेंट कर भी भारत सरकार को भेजा है। उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान तीन प्रकार के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के  दौरान टीम द्वारा ध्यान दिया जाएगा कि नगर निगम, नगरपालिका व नगर परिषद् क्षेत्र में लोगों को व्यक्तिगत घरेलू शौचालय, सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय सहित स्वच्छता संबंधी क्या-2 सुविधाएं दी जा रही है। 
 
उन्होंने नगरपालिका व नगर परिषद् सचिवों से कहा कि वे अपने एरिया को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखें और साफ-सफाई सुनिश्चित करें। सभी व्यक्तिगत, सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालय ना केवल चालू हालत में होने चाहिए बल्कि वहां पर बिजली, पानी , निशक्तजन के लिए फै्रंडली अर्थात् उनमें रैंप आदि की व्यवस्था हो, पैट्रोल पंपो पर पब्लिक टायलेट व उनके डिस्पले साइन बोर्ड हो, शौचालय साफ-सुथरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान टीम द्वारा स्वच्छता संबंधी प्रत्येक पहलु पर बारिकी से अध्ययन किया जाएगा और यदि स्वच्छता उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नही पाई गई तो नेगेटिव मार्किं ग का भी प्रावधान है। 
 
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के  दौरान कचरे के संग्रहण और परिवहन, कचरे का प्रोसेस एंड डिस्पोजल, स्वच्छता व खुले में शौचमुक्त, स्वच्छता को लेकर लोगो के व्यवहार में बदलाव, कैपेसिटी बिल्डिंग तथा इनोवेशन एंड प्रैक्टिस आदि सहित बहुत के तथ्यों पर अध्ययन होगा।
 
इससे पहले आज हरियाणा के स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक नितिन यादव ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और उनके साथ स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में चर्चा की। श्री यादव ने भी सिटीजन फीडबैक पर जोर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि अब सर्दी बढ़ गई है इसलिए सुनिश्चित करें कि बेसहारा व बेघर लोगों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था हो ताकि उन्हें खुले में ना सोना पड़े। 

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Suvash Chandra Choudhary

Editor-in-Chief

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