वर्ष प्रतिपदा पर हरियाणा कला परिषद के प्रेक्षागृह में शास्त्रीय संगीत का आयोजन

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 चण्डीगढ, 28 मार्च : हरियाणा कला परिषद द्वारा अपने कार्यालय के प्रेक्षागृह में नव वर्ष के उपलक्ष्य में 28 मार्च 2017 को विक्रमी सम्वत् 2074 व कलयुग के 5019 वर्ष के शुभारम्भ पर शास्त्रीय सुगम संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गौरतलब है कि भारतीय काल गणना के अनुसार इसे वर्ष प्रतिपदा अर्थात नव वर्ष का माना गया है। इस कार्यक्रम में शास्त्रीय सुगम संगीतकार ‘‘प्रो0 सौभाग्य वर्धन बृहस्पति’’ ने अपने संगीत की विभिन्न प्रस्तुतियों द्वारा सभी श्रोताओं को मन्त्रमुग्ध कर दिया ।
इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद के निदेशक अजय सिंहल ने बोलते हुए कहा कि आज के दिन श्रृष्टि का जन्म हुआ, आज के दिन श्री राम का राज्यभिषेक, युद्धिष्टर का राज्यभिषेक, स्वामी दयानन्द का जन्म दिवस, डॉं0 केशव हैडगेवार का जन्म दिवस, झूलेलाल जयन्ती, गुरू अनगद देव का जन्म दिवस और पवित्र नवरात्रे इस दिन की महता को बढ़ाते है । विक्रम सम्वत, विषू सम्वत, गुड़ी पड़वा, रंगाली विहू जैसे अनेक नामो से पूरे देश में यह पर्व मनाया जाता है । भारतीय नव वर्ष प्रकृति पर आधारित है। ऋतु बदलती है, वर्ष बदलते है, नया शिक्षा सत्र बदलता है और पेड़ो पर बहार आती है इसलिए भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 2074 हम सबके लिए महत्वपूर्ण है। आज के दिन कलयुग का 5019 वा वर्ष भी प्रारम्भ हो रहा है। निदेशक  अजय सिंहल ने आये हुए श्रोताओं व कलाकारों का धन्यवाद किया ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ0 शोभा कोसर, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका एवं नृत्यागंणा प्राचीन कला केन्द्र, चण्डीगढ़ उपस्थित रहें। मुख्य अतिथि ने कहा कि हरियाणा कला परिषद का यह एक सराहनीय प्रयास है और ऐसा प्रयास हरियाणा प्रदेश के सभी कलाकारों को प्रोत्साहन प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनिता नैन, बी.ई.ओ. बरवाला, पंचकूला उपस्थित रहें। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि निदेशक, हरियाणा कला परिषद के नेतृत्व में हरियाणा कला परिषद एक नई मुकाम हासिल करने की कगार पर है जिसने हरियाणा कला परिषद को एक शक्ति के रूप में उबारा है और सबका धन्यवाद किया।

 

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