विश्व हिंदू परिषद ने हिन्दू नावालिग के साथ हुए दुष्कर्म मामले के आरोपी को सजा दिलाने वाले वकील अजय दायमा को किया सम्मानित

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आरोपी मुस्लिम युवक को अदालत ने दी 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

गुरुग्राम : वर्ष 2022 में मात्र 13 वर्षीय हिंदू बालिका के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म प्रकरण में आज एक ऐतिहासिक न्यायिक विजय प्राप्त हुई। गुरुग्राम की फास्ट-ट्रैक अदालत ने मुस्लिम युवक नाजीमूल्लाह को 20 वर्ष के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई। विशेष उल्लेखनीय है कि यह मुकदमा केवल 3 वर्षों में पूर्ण हुआ, जो नई न्यायिक प्रणाली की संवेदनशीलता, तत्परता और प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। विश्व हिंदू परिषद ने इस न्यायसंगत और त्वरित प्रक्रिया के लिए न्यायालय और प्रणाली दोनों की सराहना करते हुए इस मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता अजय दायमा और उनके साथी अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।

इस मामले की संपूर्ण कानूनी पैरवी अधिवक्ता अजय दायमा द्वारा पूर्णतः निशुल्क की गई, जबकि अधिवक्ता डॉ. राजेश खटाना और अधिवक्ता जितेंद्र यादव ने भी इस संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मान समारोह से पूर्व विश्व हिंदू परिषद की जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी इन तीनों अधिवक्ताओं के चैंबर नंबर 25, महाराणा प्रताप लाइन पहुँचे, जहाँ उन्हें फूलमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय रूप से सम्मानित किया गया। इसके उपरांत औपचारिक सम्मान समारोह गुरुग्राम बार एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित किया गया ।

समारोह में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि यह विजय केवल एक मामले की सफलता नहीं, बल्कि हिंदू समाज की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के सामूहिक संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम जिहादी मानसिकता के लोग छद्म हिंदू नाम और पहचान का उपयोग कर हमारी बेटियों के जीवन में प्रवेश करते हैं, उन्हें भ्रमित कर उनके साथ शारीरिक शोषण करते हैं, और बाद में उन्हें धर्मांतरण तथा सामाजिक विनाश की ओर धकेल देते हैं। कई मामलों में प्रताड़ना इतनी गंभीर होती है कि बच्चियों की जान तक चली जाती है। उन्होंने समाज की बेटियों और बहनों से आग्रह किया कि ऐसे षड्यंत्रों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार पर तुरंत सहायता लें।

उन्होंने कहा कि संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और विश्व हिंदू परिषद आगे भी प्रयत्न करेगी कि नाजीमूल्लाह को और कठोर दंड दिलाया जाए, ताकि यह निर्णय भावी अपराधियों के लिए नजीर बन सके।

जिला अध्यक्ष सुरेंद्र तंवर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का विधि प्रकोष्ठ आगे भी संवेदनशील मामलों में न्यायसंगत संरक्षण प्रदान करता रहेगा, और समाज, अधिवक्ताओं व संगठन की संयुक्त शक्ति से ऐसी विकृत मानसिकताओं के खिलाफ संघर्ष को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: गुरुग्राम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निकेश यादव, सचिव पवन राघव, विभाग मंत्री यशवंत शेखावत, जिला मंत्री परवीन हिंदुस्तानी, सह मंत्री गनदीप चौहान, सह मंत्री अमित राठी, विधि प्रकोष्ठ प्रमुख अधिवक्ता नवीन शर्मा, प्रांत अर्चक मंदिर संपर्क प्रमुख गोपाल कौशिक, कोषाध्यक्ष विकास गोयल, मातृशक्ति संयोजिका कैलास बहन, दुर्गा वाहिनी संयोजिका अमिता पाठक, अधिवक्ता मनीष सांडिल्य, अधिवक्ता सुंदर सिंह, अधिवक्ता परिषद प्रमुख पवन राघव, पूर्व बार जनरल सेक्रेटरी कमलजीत कटारिया, देव योगी (विहिप), अधिवक्ता सुखबीर यादव, अधिवक्ता धर्मपाल सैनी, अधिवक्ता बीर सिंह भाटी, अधिवक्ता रविंद्र सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

यह न्यायिक विजय समाज को यह सशक्त संदेश देती है कि संगठित समाज, संवेदनशील न्यायिक प्रणाली और समर्पित अधिवक्ताओं के सहयोग से कोई भी जिहादी मानसिकता हमारी बेटियों की गरिमा और सुरक्षा को नहीं तोड़ सकती।

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