पीएम मोदी के करीबी पूर्व नौकरशाह ए के शर्मा यू पी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गए

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष संभावित विधानसभा चुनाव की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक फेरबदल शुरू कर चुनावी तैयारी की बिसात बिछानी शुरू क्र दी है. इस कोशिश के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी रहे पूर्व ब्यूरोक्रेट ए के शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है जबकि कई अन्य नेताओं को अलग-अलग प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी देकर जातिगत संतुलन स्थापित करने के संकेत दिए हैं. आज जिन नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारी दी गई है उनमें सांसद व पूर्व सांसद भी शामिल हैं।

 

पिछले एक माह से भी अधिक समय से उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी इकाई में चल रहा घमासान अब कुछ राजनीतिक नियुक्तियों के साथ थमने की संभावना है। कयास लगाये जा रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद एमएलसी बनाया गया था को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि यह कयास तो गलत साबित हुआ लेकिन प्रदेश स्तर के संगठन में पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर श्री शर्मा को बैठाने से यह संकेत तो अवश्य मिला कि इनको लेकर ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी आलाकमान के बीच द्वंद युद्ध चल रहा था।

 

उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा ने जनवरी 2021 में प्रशासनिक सेवा से वीआरएस लेकर भारतीय जनता पार्टी जॉइन किया था. वह गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं जहां प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ उनकी निकटता बनी।

 

अरविंद कुमार शर्मा के अलावा भारतीय जनता पार्टी ने अर्चना मिश्रा और अमित वाल्मीकि को प्रदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया है।

इनके अलावा आज सात और नेताओं को उत्तर प्रदेश भाजपा में अलग-अलग प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद पर फर्रुखाबाद से प्रांशु दत्त द्विवेदी को जबकि औरैया से राज्यसभा सांसद गीता शाक्य को महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

 

गोरखपुर से संबंध रखने वाले कामेश्वर सिंह को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है जबकि गाजियाबाद से पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप को पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका दी गई है।

 

लखनऊ से सांसद कौशल किशोर अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष और गोरखपुर से संजय गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष पद सौंपा गया है। मेरठ से बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

 

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के ताजा खुर्द गांव के रहने वाले पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा ने पिछले दिनों वाराणसी में कोविड-19 संक्रमण से उत्पन्न विषम परिस्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई थी. इसको लेकर प्रदेश में चर्चा जोरों पर थी कि श्री शर्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकल्प के रूप में उभर रहे हैं. बाद में चर्चा यह भी होने लगी थी कि उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली का भी दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी लंबी मुलाकात की थी। चर्चा का बाजार इस कदर गर्म था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा नेतृत्व मुख्यमंत्री बदलने पर विचार कर रहा है। योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे से भी इस चर्चा को और हवा मिली थी लेकिन अब संगठन में हुई नई नियुक्तियों से इस पर विराम लग गया है.

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