मोदी सरकार ने किसानों को दिया तोहफा, रबी वर्ष 2021-22 के लिए एमएसपी की घोषणा की, विपक्ष को दिया करार जवाब

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नई दिल्ली। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने एमएसपी की दरों में वृद्धि को मंजूरी देकर किसानों के हित में मोदी सरकार का एक और निर्णय सामने आया. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रबी विपणन वर्ष 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर विपक्ष की राजनीति को कून्द करने की बड़ी चाल चल दी।उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-2014 में गेहूं की #MSP 1400 रुपये थी, जो 2020-2021 में बढ़कर 1975 रुपये हो गई। यानि एमएसपी में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

श्री तोमर ने कहा कि किसानों को लागत मूल्य पर 106 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा। गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रूपए प्रति क्विंटल घोषित. कृषि मंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जारी रहेगी।

धान :
2013-2014 में धान की #MSP 1310 रुपये थी, जो 2020-2021 में बढ़कर 1868 रुपये हो गई।

यानि एमएसपी में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

गेहूं के समर्थन मूल्य में 50 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 106 प्रतिशत का मुनाफा.

चना का समर्थन मूल्य 5100 रूपए प्रति क्विंटल घोषित.

चना के समर्थन मूल्य में 225 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 78 प्रतिशत का मुनाफा.

जौं का समर्थन मूल्य 1600 रूपए प्रति क्विंटल घोषित.

जौं के समर्थन मूल्य में 75 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 65 प्रतिशत का मुनाफा.

मसूर का समर्थन मूल्य 5100 रूपए प्रति क्विंटल घोषित.

मसूर के समर्थन मूल्य में 300 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 78 प्रतिशत का मुनाफा.

सरसों एवं रेपसीड का समर्थन मूल्य 4650 रूपए प्रति क्विंटल घोषित.

सरसों एवं रेपसीड के समर्थन मूल्य में 225 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 93 प्रतिशत का मुनाफा.

कुसुम्भ का समर्थन मूल्य 5327 रूपए प्रति क्विंटल घोषित.

कुसुम्भ के समर्थन मूल्य में 112 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि.

समर्थन मूल्य में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि.

लागत मूल्य पर किसानों को 50 प्रतिशत का मुनाफा.

मसूर :
2013-2014 में इसकी #MSP 2950 रुपये थी, जो 2020-21 में बढ़कर 5100 रुपये हो गई।

यानि MSP में 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

उड़द :
2013-2014 में उड़द की #MSP 4300 रुपये थी, जो 2020-21 में बढ़कर 6000 रुपये हो गई।

यानि MSP में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

साल 2013-14 में मूंग की #MSP 4500 रुपये थी, जो साल 2020-21 में बढ़कर 7196 रुपये हो गई, यानि इस दौरान एमएसपी में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

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