वर्ल्ड बुक डे पर बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना चाहिए : रीतिक बाधवा

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भिवानी : भाजपा नेता रीतिक वधवा ने वर्ल्ड बुक डे के अवसर पर कहा कि दुनियाभर में आज के दिन वर्ल्ड बुक डे मनाया जाता है। यूनेस्को ने शेक्सपियर जैसे लेखकों को सम्मान देने के लिए 23 अप्रैल को वर्ल्ड बुक डे मनाया जाता है।

अब कोरोना वायरस के लॉकडाउन में अगर आप अकेले हैं तो किताबों से अच्छा आपका कोई साथी नहीं। कोरोना से लड़ने के लिए घर में रहना जरूरी है। घर में रहकर साहित्य पढ़ने से मन में सकारात्मक भाव पैदा होंगे।यूनेस्को की पेरिस में आयोजित हुई कांफ्रेंस में 1995 में इस दिन में दुनियाभर में लेखकों को और किताबों को सम्मान देने के लिए इस दिन का चयन किया है। 23 अप्रैल का दिन शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन अनेक साहित्यकारों की जन्मतिथि भी है।

रीतिक वधवा ने कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य किताबों का आनंद लेने और पढ़ने की कला को बढ़ाना है। इस दिन लोगों को किताबों को पढ़ने का महत्व बताया जाता है। एक तरह से देखा जाए तो किताबें हमारी सच्ची जीवन साथी होती हैं। हमारे जीवन को सही दिशा देने में किताबों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विश्व पुस्तक दिवस का उद्देश्य लोगों में और खासकर बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा होना चाहिए।

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