सीबीआई जज के फोन से भी नहीं आई एंबुलेंस

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ऑपरेटर का बेतुका जवाब

जींद । एक सीनीयर सीबीआई जज ने एंबुलेंस के लिए फोन किया तो सामने से जवाब आया कि आ जाएगी एंबुलेंस, उड़कर नहीं आएगी।

गांव ईक्कस के निकट सोमवार दोपहर को कार और बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हादसा देख रास्ते से निकल रहे सीबीआई पंचकूला के सीनियर जज जगदीप लोहान वहीं रूक गए और अपने सुरक्षा कर्मियों की सहायता से गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकाला।

घायलों को अस्पताल में पहुंचाने के लिए सीनियर जज ने फोन से एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर कॉल की, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची, तो सीनियर जज जगदीप लोहान ने दोबारा कॉल की, लेकिन कंट्रोल के ऑपरेटर ने जवाब दिया कि एंबुलेंस उड़कर नहीं आएगी। इसके बाद सीनियर जज ने रास्ते से निकल रहे एक कैंटर चालक से आग्रह किया और सभी घायलों को नागरिक अस्पताल में पहुंचवाया।

अस्पताल में चिकित्सक ने एक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जज जगदीप लोहान ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम की सेवाओं के बारे में सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया को अवगत करवाया। सिविल सर्जन ने मौके पर ही वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल को मामले की जांच सौंप दी। इस दौरान सिविल सर्जन ने सीनियर जज को आश्वस्त किया कि एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाया जाएगा।

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