जनस्वास्थ्य विभाग ही बना आमजन के स्वास्थ्य का दुश्मन

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-पानी के टैंकों में गंदगी और कागजों में सफाई से भ्रष्टाचार की गंदगी उजागर : अशोक बुवानीवाला

भिवानी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस उद्योग सैल के चेयरमैन अशोक बुवानीवाला ने कहा है कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन अफसोस की बात है कि जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एवं भ्रष्टाचार ने इस मूलभूत सुविधा को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। आज शहर में पेयजल की आपूर्ति करने वाले पानी के टैंकों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हालात में है वर्षों से सफाई न होने, देखरेख के अभाव और केवल कागजों में किए गए टैंक क्लीनिंग के झूठे दावों ने आमजन की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि बताया कि इन टैंकों की स्थिती अत्यंत चौंकाने वाली और चिंताजनक है। पानी के टैंकों के भीतर कीचड़, शैवाल, गंदगी, प्लास्टिक और मरे हुए कीट-पतंगों व जानवरों से सड़ांध से भरा माहौल था, जो न केवल जल की गुणवत्ता को खराब करता है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। टैंकों में फैली इस गंदगी से शहर के नागरिकों में डायरिया, स्किन इंफेक्शन, हैजा और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है।

गौरतलब है कि अशोक बुवानीवाला भिवानी के डाबर क्षेत्र मे स्थित पानी के सात टैंकों जहाँ से शहर की आधी आबादी को जल वितरण होता है उसका निरिक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इन टैंकों की सफाई हुए लगभग दस वर्ष हो गये हैं, लेकिन धरातल की बजाएं शायद कागजों में इनकी हर वर्ष सफाई होती है? उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य कि बात है कि शहर का जनस्वास्थ्य विभाग ही आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और प्रशासन कुम्भकरणी नींद शो रहा है। बुवानीवाला ने कहा कि यह कोई साधारण प्रशासनिक चूक नहीं है, यह भ्रष्टाचार की जड़ें दर्शाने वाला गंभीर मसला है जो नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से सीधा जुड़ा है। यदि समय रहते कार्यवाही नहीं की गई, तो यह मुद्दा और भी विकराल रूप ले सकता है।

इस दौरान बुवानीवाला ने शासन और प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से शहर के सभी पानी टैंकों की सफाई करवाई जाए। पिछले 10 वर्षों के जल टैंक सफाई के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जांच करवाई जाएं। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए और जल स्वच्छता व्यवस्था में पारदर्शिता लाने हेतु जन-सहभागिता व निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि जल है तो कल है, लेकिन यह जल तभी सुरक्षित है जब उसे ईमानदारी से स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएं, ना कि भ्रष्टाचार के लोलूप कागजों की साजिश में डुबो दिया जाए।

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