बढ़ते तापमान से नागरिकों के बचाव के लिए किए जाए व्यापक प्रबंध, मुख्य सचिव संजीव कौशल के निर्देश

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  • मुख्य सचिव संजीव कौशल ने गुरुग्राम सहित राज्य के सभी जिलों में हीट वेव की तैयारियों की वीसी से की समीक्षा
  • एडीसी विश्राम कुमार मीणा ने वीसी के उपरांत हीट वेव से बचाव को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक प्रबंधों के लिए निर्देश

  • गुरुग्राम, 15 मार्च। हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम में हीट वेव व हीट स्ट्रोक से नागरिकों के बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए जाने चाहिए। गर्मी के मौसम में पीने के पानी, बिजली की निर्बाध आपूॢत, स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त इंतजाम व पशुधन के बचाव के लिए भी तैयारी होनी चाहिए। उन्होंने यह बात बुधवार की सांय वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से गुरुग्राम सहित राज्य के सभी जिलों में गर्मी के मौसम को लेकर की जाने वाली तैयारियों की जिलावार समीक्षा की।

  • एडीसी विश्राम कुमार मीणा लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल से वीडियो कांफ्रेंस में शामिल हुए। वीडियो कांफ्रेस के उपरांत एडीसी ने विभागवार कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग गर्मी के मौसम में हीट वेव से बचाव के लिए पूरी तैयारियां व प्रबंध सुनिश्चित करें। साथ ही आमजन को गर्मी में जलापूर्ति निर्धारित शेड्यूल अनुसार मिले इसके लिए व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला वासियों से भी गर्मी के मौसम में जल की बचत करने की प्रवृत्ति विकसित करने की अपील की।

  • वीडियो कांफ्रेंस में मिले निर्देशों की जिला में अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एडीसी ने कहा कि जिला में पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित रखी जाए, पीएचसी व सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में राहत स्वरूप दवाइयां व ओआरएस उपलब्ध करने, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गर्मी में आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के मद्देनजर फायर ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, के अधिकारियों के साथ गर्मी व हीट वेव का रबी फसलों की उपज पर प्रभाव सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करने, ग्रीष्मकालीन फसलों पर मौसम की स्थिति के प्रभाव को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों बारे जागरूक करने के आदेश दिए।
    उन्होंने वन और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को आरक्षित व संरक्षित वनों पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, वन्यजीवों के लिए पीने के पानी जैसे तालाबों/जल निकायों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, आरक्षित वनों में जल की कमी का सामना कर रहे मानव आवासों में जल की व्यवस्था करने सहित अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए।   उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दवाओं की आपूर्ति स्थिति का अवलोकन करें। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस, तरल पदार्थ, जीवन रक्षक दवाओं व आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सीएचसी/पीएचसी में, जहां भी ए.सी. और कूलर उपलब्ध हैं, हीट स्ट्रोक कक्ष में उपयोग किए जाने आदि संसाधनों का उचित प्रबंधन किया जाए।
    इसी तरह सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक, बाजार, अस्पताल, पब्लिक डीलिंग से संबंधित कार्यालयों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मुख्य रूप से पानी की कमी वाले जोखिम वाले क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पानी के टैंकरों की सूची तैयार करने, पेयजल के स्रोत और जनसंख्या के अनुपात में इसकी क्षमता की पहचान करने, गर्मी की लहर से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि पूरा पानी पंप सेट या तो डीजल या बिजली आधारित होना चाहिए और  काम करने की अच्छी स्थिति में होने चाहिए।

  • इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. वीरेंद्र यादव, उप निदेशक कृषि डा. अनिल तंवर व उप निदेशक पशुपालन डा. पुनीता गहलावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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