नीट, जेईई मैन्स एग्जाम को CUET में शामिल करने की योजना

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नई दिल्ली : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सरकार को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (CUET-UG) में मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है. CUET परीक्षा इस साल से सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और कुछ स्टेट यूनिवर्सिटीज के अंडर ग्रेजुएट कोर्सेस में एडमिशन के लिए शुरू की गई है. इस साल सीयूईटी परीक्षा 2022 का आयोजन किया जा रहा है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई परीक्षा इतने बड़े लेवल पर आयोजित की गई है. देश भर के छात्र यूजी क्लासेस में एडमिशन के लिए यह टेस्ट दे रहे हैं.

लेकिन अब यू जी सी ने इस परीक्षा में नीट, जेईई मैन्स एग्जाम को भी शामिल करने का प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय को दिया है .

सीयूईटी परीक्षा से एडमिशन प्रोसेस को अभी स्रुदेंट्स पूरी तरह से समझ ही नहीं पाए थे कि यूजीसी ने मेडिकल और इंजीनियरिंग एग्जाम को भी इसमें मिलाने का प्रस्ताव कर दिया  है. शिक्षा जगत में कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव से 12 वीं पास स्टूडेंट्स को अलग अलग कोर्सेस में एडमिशन लेने में और आसानी होगी. तर्क है कि स्टूडेंट्स को केवल एक परीक्षा सीयूईटी में ही शामिल होना पड़ेगा.

इस पूरे मामले पर यूजीसी के चैयरमैन एम जगदीश कुमार का कहना है कि सरकार, राष्ट्रीय इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं (NEET) को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET में मर्ज करन की संभावना तलाश रही है।

कुमार ने कहा है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 में “वन नेशन, वन एंट्रेंस” की परिकल्पना की गई है। ऐसा होने पर यह कॉलेज में दाखिले के लिए कई प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के स्टूडेंट्स के बोझ को कम करेगा। उनकी राहें आसान होंगी.

उन्होंने कहा है कि, “हमारे पास तीन प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं हैं. इनमें NEET, JEE (Main) और CUET. इन तीनों प्रवेश परीक्षाओं में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। इन सभी परीक्षाओं का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कराया जाता है। इसलिए, हम सोच रहे हैं कि क्यों न कई विषयों में प्रवेश के लिए अकेले CUET स्कोर का उपयोग किया जाए. ”

कुमार ने कहा है कि सरकार जल्द से जल्द इंटीग्रेटेड प्रवेश परीक्षा शुरू करने की संभावना तलाश रही है।  नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन MBBS और BDS सहित मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है।

जबकि ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन (JEE MAIN) का आयोजन NIIT, IIIT और फंडेड टेक्निकल कॉलेजों सहित विभिन्न इंजीनियरिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए किया जाता है। वहीं JEE एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में दाखिले के लिए किया जाता है।

यूजीसी अध्यक्ष का कहना है कि “NEET के लिए बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री की आवश्यकता है। JEE के लिए मैथेमेटिक्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री की आवश्यकता है। ये सभी विषय पहले से ही CUET में हैं। इसलिए, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए प्रवेश के लिए CUET स्कोर का उपयोग करना कोई मुद्दा नहीं रहेगा, ”

कुमार ने कहा है कि मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और यूजीसी ने सभी पक्षों को समझाने के लिए पहले से चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “हम परीक्षा से कुछ महीने पहले अचानक कुछ भी घोषणा नहीं करना चाहते हैं।”

खबर है कि इसके लिए सभी पक्षों से बात करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से एक समिति का गठन किया जाएगा.

सवाल है कि क्यों लिया जा रहा है यह निर्णय ?

एक बार परीक्षा कराने का प्रस्ताव इसलिए किया जा रहा है जिससे छात्रों को एक नॉलेज बेस के लिए कई परीक्षा न देनी पड़ें। JEE, NEET का CUET में मर्ज होने के बाद एक परीक्षा देनी होगी. इसके लिए मौके अलग-अलग मिलेंगे। इस एक परीक्षा के जरिए ही स्टूडेंट्स अध्ययन के विभिन्न क्षेत्रों के लिए योग्य हो सकते हैं।

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