मोदी केबिनेट ने एससीओ सदस्य देशों के साथ युवाओं के लिए कार्य के क्षेत्र में सहयोग को स्वीकृति दी

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केन्द्रीय मंत्रिमण्‍डल ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के अधिकृत निकायों के बीच युवाओं के लिए कार्य के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित समझौते को मंजूरी दी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल को आज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्‍य देशों के अधिकृत निकायों के बीच युवाओं के लिए कार्य के क्षेत्र में सहयोग के संबंध में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्‍य देशों के बीच हस्‍ताक्षरित समझौते से अवगत कराया गया।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों द्वारा 17.09.2021 को युवाओं के लिए कार्य के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित इस समझौते को अपनाए जाने के परिणामस्वरूप, इसपर माननीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री, भारत गणराज्य की सरकार द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। एससीओ सचिवालय में कामकाज की आधिकारिक भाषा रूसी और चीनी है।

सहयोग के क्षेत्रों में शामिल हैं; राज्य की युवा नीति को लागू करने वाले युवाओं एवं सार्वजनिक युवा संगठनों (संघों) के साथ काम के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और इसके साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय युवा सहयोग को बढ़ावा देने वाली पहल का समर्थन करना। सहयोग के क्षेत्रों में युवाओं के साथ काम के मामले में पेशेवर कर्मचारियों का प्रशिक्षण; वैज्ञानिक, संदर्भ एवं पद्धति संबंधी सामग्रियों का आदान-प्रदान, राज्य के निकायों, राज्य की युवा नीति के कार्यान्वयन में शामिल तथा युवा पहल का समर्थन करने वाले युवा सार्वजनिक संगठनों, अन्य संगठनों और संघों के कार्य अनुभव का आदान-प्रदान भी शामिल है। युवाओं से संबंधित विभिन्न नीतिगत मुद्दों और युवा सहयोग से जुड़े संयुक्त अनुसंधान एवं गतिविधियों को कार्यान्वित करना; प्रकाशित वैज्ञानिक तथ्यों का आदान-प्रदान, विनाशकारी संरचनाओं में युवाओं की भागीदारी को रोकने के सामयिक मुद्दों पर शोध कार्य; युवाओं के रोजगार एवं कल्याण में वृद्धि करने के लिए उन्हें उद्यमिता एवं रचनात्मक परियोजनाओं में शामिल करने के उद्देश्य से संयुक्त आर्थिक एवं मानवीय पहल को बढ़ावा देना; एससीओ युवा परिषद की गतिविधियों का समर्थन करना भी उपरोक्त सहयोग का हिस्सा है।

इस समझौते का उद्देश्य शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के युवाओं के बीच आपसी विश्वास, मैत्रीपूर्ण संबंध एवं सहयोग को मजबूत करना और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को सुदृढ़ करने के एक तत्व के रूप में युवा सहयोग के विकास को सुनिश्चित करने के महत्व को स्वीकार करते हुए, अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर युवा सहयोग की स्थितियों में और अधिक सुधार की मांग करना है।

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