मोदी सरकार ने अर्थ व्यवस्था के विनाश के साथ देश को बिजली समस्या की खाई में धकेल दिया : अशोक बुवानीवाला

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भयंकर गर्मी में कोयला संकट से लग रहे ब्लैकआऊट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया

10 से लेकर 20 घंटों की बिजली कट इस देश ने पहले कभी नहीं देखा

भिवानी, 30 अप्रैल। बिना नीति और नीयत देश चला रही मोदी सरकार ने अर्थ व्यवस्था के विनाश के साथ बेरोजगारी, भुखमरी और महंगाई के बाद अब देश को बिजली समस्या की खाई में धकेल दिया है। ये बात हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला ने आज देश में गहराएं बिजली संकट पर मोदी सरकार को घेरते हुए कही।

बुवानीवाला ने कहा कि देशभर में इतना बड़ा बिजली संकट पहली बार देखने को मिल रहा है जिसके लिए सिर्फ और सिर्फ केन्द्र शासित मोदी सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि देश चलाने के लिए नीति और नीयत की जरूरत होती है जोकि मोदी सरकार में कही देखने को नहीं मिल रही। ज्यादातर राज्य भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। 10 से लेकर 20 घंटों की बिजली कट इस देश ने पहले कभी नहीं देखा है। इस भयंकर गर्मी में कोयला संकट की वजह से लग रहें ब्लैकआऊट यानी बिजली कटों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट की वजह से जहां 750 के करीब रेलगाडिय़ों के पहिए थम गए है, वहीं आम लोगों के जीवन की रफ्तार भी पटरी से उतर चुकी है। बुवानीवाला ने कहा बिजली संकट को लेकर आज तक देश में ऐसी परिस्थितियां नहीं बनी थी। अब लग रहा है कि मोदी सरकार ने देश को पाषाण युग में धकेल दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कोयले की कमी रातों रात नहीं हुई है।

बुवानीवाला ने  जोर देते हुए कहा कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला आयातक देश भारत अगर खुद कोयले की कमी झेल रहा है तो ये मोदी सरकार के लिए शर्म की बात है। दरअसल जुमलेबाजी की सरकार में कोई योजना बनाने वाला नहीं है। मंत्रियों के नाम पर केवल प्रचार मंत्री ही दिखाई दे रहे हैं जो दिन रात झुठ और जुमलों के सहारे देश में दंगा और नफरत फैलाने के काम पर लगे हुए है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में गहराता बिजली संकट चिंता का विषय है क्योंकि स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन जैसी आपातकालीन सेवाएं सब बिजली पर निर्भर है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को कोयला आपूर्ति को शीघ्र सुनिश्चित कर बिजली उत्पादन सुचारू रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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