भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी

Font Size

-न्यूमेट्री एकेडेमी गुरुग्राम ने अपने स्थापना दिवस पर किया वार्षिक कार्यक्रम सह पुरस्कार समारोह 2022 का आयोजन 

– न्यूमेट्री एकेडेमी के दो दर्जन से अधिक मेधावी स्टूडेंट्स को किया सम्मानित 

-स्टूडेंट्स ने कार्यक्रम में मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं 

गुरुग्राम : स्टारेक्स यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एम.एम. गोयल ने कहा कि “योग को आध्यात्मिक गणित में योग के रूप को समझने की जरूरत है. जैसा कि गीता में प्रमाणित है वन प्लस वन एक के बराबर है (1+1=1) . यह सोशल मीडिया के वर्तमान युग में सप्ताह में एक बार डिजिटल उपवास की मांग करता है. ” उन्होंने कहा कि भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत है जो स्वतंत्र, अहिंसक, अखंडता और सौहार्द के साथ ऐसा लोकतंत्र, जो लापरवाह को सावधान और बेकार भारतीयों को मानव पूंजी के रूप में परिवर्तित करने का अवसर प्रदान करता हो. 

भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 2 प्रोफेसर एम.एम. गोयल रविवार को देर शाम वैश्य धर्मशाला सेक्टर 4 गुरुग्राम में न्यूमेट्री एकेडेमी गुरुग्राम के वार्षिक कार्यक्रम सह पुरस्कार समारोह 2022 के मुख्य अतिथि के रूप में बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों व स्टूडेंट्स को संबोधित कर रहे थे. समारोह का आरम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ. कार्यक्रम में अपने संबोधन में स्टारेक्स यूनिवर्सिटी कुलपति गोयल ने आह्वान किया कि “ हमें जीवन में चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए स्ट्रीट स्मार्ट (सरल, नैतिक, कार्रवाई उन्मुख, उत्तरदायी और पारदर्शी ) बनने की जरूरत है।भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 3

उनका कहना था कि एक स्ट्रीट स्मार्ट व्यक्ति का मानना ​​​​है कि मूल्य चीजों को जानने में निहित है और सिर्फ किताबों को पढ़ना ही बुद्धिमत्ता नहीं है. हमें छह मानव विकास गतिविधियों जैसे आध्यात्मिक भागफल (SQ) विकास, अंतर्ज्ञान विकास, मानसिक स्तर विकास, स्वयं से प्रेम दृष्टिकोण विकास और भावनात्मक भागफल (EQ) विकास से युक्त युवा सशक्तिकरण के सरल मॉडल को अपनाना होगा। प्रो. गोयल ने समझाया, इन छह पहलुओं का तालमेल हमें उभरने और पूरी क्षमता का एहसास करने के लिए आवश्यक आवश्यकता है। भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 4

उन्होंने कहा कि दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र ही है जहां भगवान् श्रीकृष्ण ने अपने शिष्य को वास्तविक ज्ञान दिया था. उन्होंने कहा कि आज नीड़ो एजुकेशन की आवश्यकता है जिसपर न्यू एजुकेशन पालिसी में पर्याप्त व्यवस्था नहीं दी गई है. 

प्रोफेसर गोयल ने न्यूमैट्रि एकैडमी में अपनाए गए पढ़ाई के तौर तरीके की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो अभिनव प्रयोग यहाँ किया जा रहा है उससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है.

भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 5

किसी भी संघर्ष में या तो इंसान जीतता है या फिर सीखता है : ओंकारेश्वर मिश्रा

समारोह के विशिष्ट अतिथि  एवं एस जी एस टेकनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के ग्रुप एच आर हेड ओंकारेश्वर मिश्रा ने उपस्थित अभिभावक एवं स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए जीवन के हर क्षेत्र में संघर्ष के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी. उन्होंने न्यूमैट्रि एकैडमी के स्टूडेंट्स के परफॉरमेंस पर प्रसन्नता जाहिर की और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन की शुभकामना दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी परीक्षा में असफलता मिलती है तो उससे निराश होने की आवश्यकता नहीं बल्कि खुद की तुलना खुद से करने की जरूरत है. इससे स्टूडेंट्स अपनी कमियों को स्वयं ही दूर करने में सक्षम हो जाता है और आने वाले समय में किसी भी कंपटीशन के लिए स्वयं को तैयार करना आसान हो जाता है. 

भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 6उन्होंने कहा कि अभिभावकों को या रिश्तेदारों को अपनी इच्छाओं को स्टूडेंट्स पर थोपना नहीं चाहिए.  उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को उनकी क्षमता एवं रुचि के अनुसार स्ट्रीम का चयन करने देना चाहिए.  इससे स्टूडेंट्स अपने लक्ष्य को हासिल करने पर केंद्रित हो सकेगा. उन्होंने कहा कि  किसी भी संघर्ष में या तो इंसान जीतता है या फिर सीखता है. अपनी विफलता को भी हर दिन को सकारात्मक तरीके से लेने की जरूरत है जिससे वह आने वाले भविष्य की तैयारी और अच्छी तरह कर सकें.

श्री मिश्रा ने अपने स्कूल एवं कॉलेज जीवन काल की चर्चा करते हुए कहा कि  उनका लक्ष्य सिविल सर्विस  में जाना था लेकिन आज वह कॉरपोरेट सेक्टर में हैं और  स्टूडेंट लाइफ में जो अध्ययन किया उसका फायदा उन्हें मिल रहा है.  उन्होंने आगाह किया कि आज संभावनाओं की विविधता है. इसलिए किसी एक क्षेत्र में अगर सफलता नहीं मिलती है तो दरवाजे वही बंद नहीं होते बल्कि दूसरे क्षेत्र के लिए संभावना उत्पन्न हो जाती है. 

 

अभिभावक और शिक्षक के बीच निरंतर संवाद होते रहना चाहिए : सुभाष चौधरीभारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 7

इससे पूर्व समारोह को संबोधित करते हुए  के चीफ एडिटर सुभाष चौधरी ने अभिभावक  और शिक्षक को किसी भी स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाने की दृष्टि से दो पहिए की संज्ञा दी.  उन्होंने कहा कि इन दोनों पर ही में संतुलन स्थापित करना बेहद जरूरी है.  उनका कहना था कि प्रकृति ने  प्रत्येक बच्चे को सामान बौद्धिक क्षमता दी है . किसी परीक्षा में या प्रतियोगिता में कोई बच्चा प्रथम आता है और कोई थोड़ा कम अंक लाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि कम अंक लाने वाला बच्चा कम बौद्धिक क्षमता का है.  उन्होंने बल देते हुए कहा कि हमें यह विचार करने की आवश्यकता है की हम अपने बच्चों को किस प्रकार का माहौल मुहैया करा रहे हैं. 

 

 उन्होंने कहा कि दुनिया के विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए साधन की आवश्यकता तो है लेकिन उससे कहीं अधिक आवश्यक है स्टूडेंट को सकारात्मक माहौल  उपलब्ध करवाना. यह जिम्मेदारी अभिभावकों की होती है.  अभिभावक को चाहिए कि अपने बच्चे की परफॉर्मेंस को लेकर,  उसके अध्ययन की स्थिति को लेकर लगातार संबंध शिक्षक,  कोचिंग सेंटर या फिर स्कूल के साथ संवाद स्थापित करें.  अपने बच्चे की ओर से बढ़ती जा रही खामियों पर संवेदनशील नजर रखे  और आवश्यकतानुसार उसमें सुधार की कोशिश की जाए. 

 

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चौधरी ने कहा कि अभिभावकों को अनुशासन के मामले में भी शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए.  उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि  शिक्षण संस्थानों में  पूरी अनुशासनात्मक सख्ती बरते जाने को  नकारात्मक रूप में नहीं लेना चाहिए.  उनका कहना था कि शिक्षक किसी भी बेडौल पत्थर को सुडौल बनाने की कला के माहिर होते हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर समर्पित रहते हैं.  इसलिए अभिभावक और शिक्षक के बीच निरंतर संवाद होते रहना चाहिए.

उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि न्यूमेट्री एकेडमी में  केबल सिलेबस ही नहीं बल्कि  सर्वांगीण विकास की दृष्टि से विभिन्न प्रकार  की एक्टिविटी पर भी फोकस किया जाता है.  इससे बच्चों को सब्जेक्ट ज्ञान के साथ-साथ देश दुनिया की अन्य गतिविधियों की जानकारी भी मिलती है जो किसी भी कंपटीशन एग्जाम के लिए बेहद जरूरी  है. श्री चौधरी ने न्यूमेट्री अकैडमी  के निदेशक अभिनव आनंद  सहित सभी शिक्षकों को संस्थान के स्थापना दिवस पर  भविष्य में और बेहतर परफॉर्म करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी.  उन्होंने इस अवसर पर पुरस्कृत होने वाले स्टूडेंट्स के भी उज्जवल भविष्य  की कामना की.

 

भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 8न्यूमेट्री एकेडेमी में सिलेबस के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर फोकस : अभिनव आनंद 

कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि,  विशिष्ट अतिथि एवं सभी अभिभावकों व स्टूडेंट्स का स्वागत करते हुए निदेशक अभिनव आनंद ने कहा कि वर्ष 2019 में आज के दिन यानी रामनवमी  के दिन ही न्यूमैट्रि एकैडमी की स्थापना की गई थी.इसी उपलक्ष में आज यहां एकत्रित हुए हैं.  उन्होंने कहा कि  अपनी एकेडमी के बच्चों को प्रेरित करने के लिए इस अवसर का सदुपयोग  करने का निर्णय लिया गया . कक्षा 5 से लेकर 12वीं तक के  परीक्षा में सर्वोत्तम अंक हासिल करने वाले 15 बच्चों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही एकैडमी में सबसे अनुशासित रहने वाले स्टूडेंट को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया .यह सिलसिला हर वर्ष लगातार जारी  रहेगा.  पिछले 2 वर्षों में कोविड-19 महामारी के कारण यह आयोजन नहीं हो पाया था .

उनका कहना था कि  न्यूमैट्रि एकेडमी  में हमारा फोकस बच्चों के सिलेबस के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर रहता है.  यही कारण है कि पिछले 4 वर्षों से लगातार सभी कक्षाओं के बच्चे अलग-अलग स्कूलों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एकेडमी में प्रथम कक्षा से 12वीं कक्षा तक की कोचिंग की व्यवस्था है. एकेडमी के सभी शिक्षक अनुभवी एवं योग्य है. वर्तमान में एकेडमी की दो शाखाएं सफलतापूर्वक बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ संचालित है.  इनमें से एक लक्ष्मण विहार जबकि दूसरी शाखा राजेंद्र पार्क में स्थापित है. 

अभिनव आनंद ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को गुलदस्ता और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया .

इस अवसर पर उन्होंने सभी अभिभावकों को आश्वस्त किया कि एकैडमी में कोचिंग के लिए आने वाले स्टूडेंट्स को वे अपनी संपत्ति समझते हैं जिन्हें पूरी तरह संवारने की उनकी कोशिश रहती है.भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 9

समारोह को अशोक विहार निवासी अभिभावक सोकेश भारद्वाज ने भी संबोधित किया और  न्यूमैट्रि एकेडमी के साथ स्थापित कई वर्षों के अनुभव साझा किये . स्कूल एजुकेशन की दृष्टि से एकेडमी के माहौल की जमकर प्रशंसा की. 

इस अवसर पर  न्यूमैट्रि एकेडमी की ओर से चौथी कक्षा से 12 वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स एवं एकेडमी के लक्ष्मण विहार व राजेंद्र पार्क ब्रांच के दो टूडेंट को   बेस्ट डिसिप्लिनड चाइल्ड का अवार्ड भी दिया गया. भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 10

 

 न्यूमैट्रि एकेडमी लक्ष्मण विहार ब्रांच के जिन बच्चों को सम्मानित किया गया:

चौथी कक्षा  से अक्षत,  पांचवी कक्षा के अंश,  छठी कक्षा से आर्यन,  सातवीं कक्षा से  वंश,  आठवीं से परी,  नौवीं कक्षा से तन्वी,  दसवीं कक्षा से  प्रतिका,  तनिष्का  और आरती,  एवं दसवीं कक्षा से रिधिमा,  आदित्य कुमार  और सुहानी  को टॉप फॉर्म ऑफ द ईयर घोषित करते हुए  मुख्य अतिथि तारक यूनिवर्सिटी वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ एन एम गोयल एवं विशिष्ट अतिथि  ओमकारेश्वर मिश्रा,  ग्रुप एचआर हेड एसजीएस टेक्निक  व  वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चौधरी ने मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया. इस ब्रांच से ही आठवीं कक्षा की छात्रा अंजलि को बेस्ट डिसिप्लिन चाइल्ड ऑफ द ईयर घोषित करते हुए  तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुरस्कृत किया गया.

भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 11

न्यूमैट्रि एकेडमी राजेन्द्र पार्क ब्रांच के जिन बच्चों को सम्मानित किया गया :

पांचवी कक्षा से अंशिका,  सातवीं कक्षा से वैष्णवी,  आठवीं कक्षा से दीया, नौवीं कक्षा से वरिशा  एवं दसवीं कक्षा से हिमांशी को टॉपर ऑफ द ईयर घोषित करते हुए मुख्य अतिथि एवं अतिथियों ने मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया.  इस ब्रांच से दसवीं कक्षा की छात्रा सतना को बेस्ट डिसिप्लिनड चाइल्ड ऑफ द ईयर घोषित करते हुए सम्मानित किया गया . 

छात्र-छात्राओं ने  सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से चार चांद लगा दिया : 

कार्यक्रम में अकैडमी  की छात्र-छात्राओं ने  सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से चार चांद लगा दिया.  नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने वेलकम डांस प्रस्तुत किया जबकि अनन्या ने एकल नृत्य की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया.  दसवीं कक्षा की छात्रा तृषा ने  शानदार भाषण दिया जबकि दिशा और तन्वी ने भी  संगीत आधारित नृत्य  की प्रस्तुति दी.  नौवीं कक्षा  स्टूडेंट ने स्किट का प्रदर्शन किया ,  तनुश्री ने एकल नृत्य,  कृष्णा और गाने सामूहिक डुएट नृत्य जबकि नौवीं कक्षा के स्टूडेंट ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति से उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. समारोह की तैयारी में न्यूमैट्रि एकैडमी के शिक्षक मोहन कुमार, शिक्षिका शीतल और कोमल प्रीत कौर ने महती भूमिका अदा की जबकि स्टूडेंट्स आदित्य और तान्वी ने अपनी शानदार एंकरिंग से सबको आकर्षित किया. भारत में समावेशी शिक्षा की जरूरत : प्रोफेसर एम.एम. गोयल, कुलपति स्टारेक्स यूनिवर्सिटी 12

 

कार्यक्रम के अंत में न्यूमैट्रि एकेडमी  शिक्षक अजीत कुमार ने समारोह में शामिल हुए सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया. उन्होंने कहा कि  एकेडमी के सभी शिक्षकों एवं स्टाफ  के साथ-साथ सभी बच्चों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में  पिछले 1 सप्ताह से अधिक समय से पूरी मेहनत की. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के प्रेरणादायक आयोजन एकेडमी की ओर से किए जाते रहेंगे.  समारोह में  युवा उद्यमी राजेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट और अभिभावक भी शामिल हुए. 

You cannot copy content of this page