विश्वविद्यालयों को ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना जिससे लोकल और ग्लोबल स्तर पर लाभ मिले : राज्यपाल

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चण्डीगढ़ 05 अक्तूबर : हरियाणा के राज्यपाल एवं चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना चाहिए जिसका भविष्य में लोकल और ग्लोबल स्तर पर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे एक और जहां स्वरोजगार स्थापित करने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर भी बढेंगे। इससे युवाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे पूर्व राज्यपाल श्री दत्तात्रेय ने चैधरी चरण सिंह ने दीन दयाल उपाध्याय सेंटर आॅफ एक्सीलेंस फोर फार्मिंग का भी शिलान्यास किया और कार्यक्रम की शुरूआत पौधरोपण के साथ की।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को कृषि आधारित तकनीकों को बढ़ावा देना होगा ताकिदेश के किसानों को खेती की नई तकनीकें प्राप्त हों इसके साथ-साथ कृषि विश्विद्यालयों को कान्ट्रैक्ट एवं आॅरगेनिक खेती की नई तकनीकें इजाद करनी चाहिए साथ ही वैज्ञानिकों को कम पानी में पकने वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए नई खोज करने की आवश्यकता है। इसके साथ-साथ बायोफर्टिलाईजर का खेती में ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो और गुणवत्ता का फर्टिलाईजर हो जिससे किसानों की खेती में लागत होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति एक दिवसीय दौरे के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चल रही अनुसंधान व अन्य गतिविधियों की जानकारी हासिल कर रहे थे। दौरे के दौरान एचएयू हिसार के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज भी उनके साथ रहे। उन्होंने कहा कि एचएयू की शोध व शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग ही पहचान है। यह विश्वविद्यालय किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां से विकसित विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों व तकनीकों से न केवल फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा हुआ है।

भविष्य में भी किसानों के हित के लिए यह विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। यहां आयोजित किए जाने वाले किसान मेलों से न केवल हरियाणा बल्कि अन्य प्रदेशों के किसानों को भी भरपूर फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षण व शोध कार्यों के अलावा विद्यार्थियों के कौशल विकास व चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि वह राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका अदा कर सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे अनुसंधान व शैक्षणिक कार्य बहुत ही सराहनीय हैं जिनकी बदौलत आज वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें सम्मान स्वरूप शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कुलाधिपति को आश्वासन दिया कि भविष्य में उनके दिए गए सुझाव अनुसार रोजगारोन्मुखी शोध को ओर अधिक बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसान स्वयं को एक व्यावसायी के रूप में स्थापित कर सके।

इसी दिशा में विश्वविद्यालय की ओर से किया गया प्रयास एग्री बिजनेस इंक्युबेशन सेंटर है। जहां से जुडकर स्टार्टअप्स न केवल स्वयं की आय में बढ़ोतरी कर रहे हैं बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत प्लेसमेंट है जो अपने आप में काबिलेतारिफ है। इस अवसर पर मण्डलायुक्त चंद्रशेखर, जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी, उप-पुलिस महानिरीक्षक बलवान सिंह राणा, ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, कुलसचिव डॉ. एस.के. महता सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष व जिला के अनेक प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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