यूपी में लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा शुरू : किसान शव को लेकर धरने पर बैठे

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई ८ लोगों की हत्या का मामला अब हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे में तब्दील हो चला है. एक तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार का पूरा अमला विपक्षी पार्टियों के राजनेताओं को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने में लगी है तो दूसरी तरफ कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी के नेता घटना स्थल पर जाकर पीड़ितों से मिलने पर तुले हुए हैं. उधर मृतक किसानों के शव के साथ इलाके के किसान लखीमपुर खीरी में धरने पर बैठ गए हैं. पश्चिमी यूपी से किसानों का जत्था भी लखीमपुर खीरी की ओर आने की सूचना है.

यूपी में लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा शुरू : किसान शव को लेकर धरने पर बैठे 2

लखनऊ में बसपा के महासचिव सतीश मिश्र को यूपी पुलिस ने घर से बहार नहीं निकलने दिया जबकि लखीमपुर खीरी जाने के लिए लखनऊ में अपने घर के बाहर निकले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को वाहीन रोक दिया गया. उनके घर के बाहर आर इ ऍफ़ और पीएसी के जवानों कि बड़ी संख्या तैनात कि गई है. धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अपने नेता कि गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ के सपा कार्यकर्ताओं ने गौतम पल्ली थाने के बाहर खड़ी पुलिस की जीप में आग लगा दी। फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची तब तक उकर वाहन जल कर राख हो गया.

समाजवादी पार्टी की माँग है कि लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के जिम्मेदार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त कर उन्हें और उनके बेटे को गिरफ्तार किये जाये.

अखिलेश यादव ने मिडिया से बातचीत में कहा कि  काले कृषि कानूनों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे किसानों को सत्ता के “डबल इंजन” वाली गाड़ी से कुचलने के बाद अब गला घोटने के लिए लखीमपुर खीरी में कई जगह की इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। किसानों को हर हाल में कुचलने पर आमादा दंभी भाजपा सरकार का ये कृत निंदनीय है !

अखिलेश यादव ने कहा कि अपराधियों की सरकार में किसानों पर अत्याचार नहीं रुक रहे.  कुछ ही दिन पहले लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने अपना दबंग इतिहास बताते हुए किसानों को ठीक करने की धमकी दी थी और आज ही उनके बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा कर 4 की हत्या कर दी. कई को घायल कर दिया। उन्होंने गृह राज्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की और उनके व उनके बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की.

इस राजनीतिक ड्रामे में ऍम आदमी पार्टी के नेता भी अभिनय करने कूद गए हैं. आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी लखीमपुर खीरी का रुख किया था लेकिन उन्हें भी रस्ते में ही यूपी पुलिस ने रोक दिया.

इससे पूर्व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने भी रविवार देर रात ही लखीमपुर खीरी पहुंचने की कोशिश की लेकिन यूपी पुलिस ने उन्हें सांसद दीपेन्द्र हुड्डा के साथ सीतापुर में ही रोक दिया और दोंनों को हिरासत में ले लिए. पुलिस के साथ उनकी भी खूब हाथापाई हुई. उनके साथ हुई तकरार के विडियो भी सोशल मिडिया पर वायरल हो रहे हैं जबकि सपा के कार्यकर्ताओं का हिंसक स्वरूप लखनऊ की सड़कों पर जारी है. भारी पुलिस बल उनके उत्पात के सामने बेबस लग रही है.

बसपा के महासचिव सतीश मिश्र को उनके घर पर ही पुलिस ने  रोक दिया है. सतीश मिश्र ने कहा की वे लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे थे लेकिन उन्हें पुलिस ने जाने से मन किया. उनकी पार्टी कानून व्यवस्था को मानने वाली है इसलिए उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया.

किसानों ने लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों के शवों के साथ तबतक धरना पर बैठने का ऐलान कर दिया है जबतक कि इसके दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता. मामला टूल पकड़ने लगा है. पुलिस के लिए इलाके में स्थिति को नियंत्रित किये रहना बड़ी चुनौती बन गई है.

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