सोशल मीडिया पर ज्यादा निजी जानकारी सांझा करने से बचें, पड़ सकता है महंगा : मंडलायुक्त राजीव रंजन

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– साइबर सुरक्षा को लेकर गुरूग्राम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
– मंडलायुक्त ने पावर प्वाइंट प्रैजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों व कर्मचारियों को सिखाएं साइबर सुरक्षा के गुर

गुरुग्राम, 8 सितंबर। गुरुग्राम में मानेसर स्थित हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ऑडिटोरियम में आज साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त राजीव रंजन ने की। इस जागरूकता कार्यक्रम मेें सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य संस्थाओं से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान मंडलायुक्त ने पावर प्वाइंट प्रैजेंटेशन के माध्यम से साइबर सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की ।

मंडलायुक्त ने जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से साइबर अपराध व इससे बचाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में अपराधी ऑनलाइन फ्रॉड के नए-नए तरीके अपना रहे हैं , ऐसे में हमें जानकारी होना आवश्यक है कि हम किस प्रकार इन आपराधिक गतिविधियों का शिकार होने से बच सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में ई-मेल आईडी हैकिंग, वैबसाईट हैकिंग, साइबर स्टॉकिंग, साइबर डिफेमेशन, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, डेटा चोरी करने, डेबिट -क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग, मोबाइल क्राइम्स, ई-कॉमर्स फ्रॉड सहित कई अन्य तरह के साइबर क्राइम व इससे बचाव के बारे में विस्तार से बताया। ऑनलाइन फ्रॉड के कई डेमो भी प्रैजेंटेशन के माध्यम से दिखाएं गए जिनमें दर्शाया गया था कि किस प्रकार अपराधी झांसा देकर साइबर क्राइम की घटना को अंजाम देते हैं।

साइबर क्राइम से बचाव संबंधी उपायों के बारे में जानकारी देते हुए मंडलायुक्त ने बताया कि व्यक्ति को सदैव डिवाइस में सिस्टम अपडेट के ऑप्शन को ऑन रखना चाहिए। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि कम्पयूटर में इस्तेमाल होने वाला वैबब्राउजर अपने आप ही सिक्योरिटी अपडेट करें। हमें कम्प्यूटर में सदैव एंटी वायरस का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पासवर्ड में टू-फैक्टर या मल्टी-फैक्टर वैरिफिकेशन रखना चाहिए।

उन्होने कहा कि व्यक्ति को भी अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर अपलोड नही करनी चाहिए, ऐसा करके व्यक्ति मुश्किल में पड़ सकता है। व्यक्ति को फ्री के वाई-फाइ का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए, इससे व्यक्ति का फोन हैक हो सकता है और उसका महत्वपूर्ण डाटा चोरी हो सकता है। उन्होंने बताया कि डेबिट कार्ड भी हमेशा चिप वाला इस्तेमाल करें । उन्होंने कार्यक्रम में यूपीआई कोड स्कैम , फ्रॉड कॉल्स , कार्ड क्लोनिंग के बारे में भी जानकारी दी।

इसके साथ ही मंडलायुक्त ने बताया कि कई बार अपराधी व्यक्ति को लालच देकर उन्हें अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। ऐसे अपराधियों द्वारा लॉटरी निकलने जैसा झांसा दिया जाता है जिसमें व्यक्ति फंस जाता है और साइबर क्राइम की घटना का शिकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि हमें अपने डेटा का बैकअप रोजाना लेना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में पासवर्ड रखने संबंधी टिप्स भी दिए ।

इस अवसर बादशाहपुर के एसडीएम सतीश यादव, गुरूग्राम की एसडीएम अंकिता चौधरी सहित कई विभागों से आए अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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