प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से कहा, कोरोना से लड़ाई में लॉक डाउन अंतिम विकल्प हो

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नई दिल्ली। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों।आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। उन्होंने कहा कि मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है। मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा।

पीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए ओपन करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी। कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई। जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे ऐहसास है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बीते दिनो में अपनो को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ़ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। परिवार के एक सदस्य के रूप में, मैं आपके दुःख में शामिल हूं । चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है।

पीएम ने कहा कि इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है। इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट सेक्टर, सभी की पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले।

उन्होंने राज्यों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है।

उनका कहना था कि हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए वैक्सीन विकसित की हैं।आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है।भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है।

पीएम ने कहा कि यह एक Team effort है जिसके कारण हमारा भारत, दो Made in India vaccines के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर पाया। टीकाकरण के पहले चरण से ही गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक, जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे।

वैक्सीन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन के doses दिए गए हैं।आज कोरोना से इस लड़ाई में हमें हौसला मिलता है कि हमारे हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स और सीनियर सिटिजन के एक बड़े हिस्से को वैक्सीन का लाभ मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं। मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें। आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मोहल्ले में,अपार्टमेंट्स में छोटी-छोटी कमेटियां बनाकर कोविड अनुशासन का पालन करवाने में मदद करे।हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत पड़ेगी, कर्फ़्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की।

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