पुष्पांजलि अस्पताल मालिक के पुत्र के अपहरण व फिरौती के मामले में 4 आरोपी दोषी करार

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निजी अस्पताल के चिकित्सक के पुत्र का किया था अपहरण, वसूले थे 55 लाख रुपए


गुरुग्राम, 25 फरवरी : युवक का अपहरण कर उसे मुक्त करने के लिए मांगी गई 55 लाख रुपए की फिरौती के मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर 4 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एक आरोपी शिव कुमार पर आरोप साबित होना न पाते हुए अदालत ने उसे आरोपों से मुक्त कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पुष्पांजलि अस्पताल के निदेशक डा. एसपी यादव ने
सिविल लाइन पुलिस थाना में वर्ष 2019 की 26 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि वे गुडग़ांव रहतें हैं और उनका रेवाड़ी में भी इसी नाम से अस्पताल है। उनका पुत्र डा. श्रेयस और वह स्वयं इन दोनों अस्पतालों की देखरेख करते हैं। 16 मार्च को भी उनका पुत्र अपनी गाड़ी से रेवाड़ी गया था, लेकिन देर रात्रि तक वह वापिस नहीं आया।

रात्रि में करीब 2 बजे उनके मोबाइल पर उनके पुत्र
के मोबाइल से वाट्सअप कॉल आई कि आपके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। यदि बेटे की सलामती चाहते हो तो 55 लाख रुपए भेज दो। पुलिस को बताया तो उसे
जान से मार देंगे। डा. यादव ने अपनी शिकायत में लिखा था कि किसी प्रकार से उसने 55 लाख रुपए की व्यवस्था कर 17 मार्च की रात्रि को ही अपहरणकर्ताओं के बताए हुए स्थान सोनीपत जिले में कुण्डली के पास जीटी रोड
पर दे दिए थे, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उनके पुत्र को छोड़ दिया था।

मानसिक दबाव व हालात को देखते हुए उन्होंने घटना के 10 दिन बाद सिविल लाइन पुलिस थाना में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने भादंस की धारा 364, 34, 395, 397 व शस्त्र अधिनियम 25-54-59 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी थी। पुलिस ने एसटीएफ का गठन कर सोनीपत जिले के जोगिद्र, दीपक व शिवकुमार उर्फ शिवा, पानीपत जिले के कमल व लखनऊ के अमितेश चौबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई अदालत में चली।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए, उनसे आरोपियों पर लगे आरोप सिद्ध होना पाते हुए 4 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जबकि आरोपी शिव कुमार उर्फ शिवा को सबूतों व गवाहों के अभाव में मुक्त कर दिया है।

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