कोरोना की जांच में भारत ने 9 करोड़ का रिकार्ड बनाया

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नई दिल्ली। अगर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े पर विश्वास किया जाए तो भारत ने जनवरी 2020 से कोविड-19 के कुल परीक्षणों की संख्या में तेजी से वृद्धि कर अपना रिकार्ड बना लिया है। देश ने आज कुल 9 करोड़ नमूनों के परीक्षणों की सीमा को पार कर ली है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले 24 घंटों में किए गए 11,45,015 परीक्षणों के साथ अभी तक कुल 9,00,90,122 नमूनों का परीक्षण हो चुका है।

देश की परीक्षण क्षमता देश भर में फैली 1900 से अधिक प्रयोगशालाओं और केंद्र तथा राज्य / केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों के सहयोगात्मक प्रयासों से कई गुना अधिक है। हर दिन 15 लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा सकता है।

परीक्षण की क्षमता में प्रगतिशील विस्तार ने परीक्षण संख्याओं की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश में 1135 सरकारी प्रयोगशालाओं और 823 निजी प्रयोगशालाओं सहित कुल 1935 परीक्षण प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं जिसकी बदौलत दैनिक परीक्षण क्षमता में पर्याप्त वृद्धि हुई है।

निरंतर आधार पर बहुत उच्च देशव्यापी परीक्षण के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय पॉजिटिविटी दर में कमी आई है। यह इंगित करता है कि संक्रमण के प्रसार की दर प्रभावी रूप काबू किया गया है।

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20 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में पॉजिटिविटी दर राष्ट्रीय औसत से कम है। संचयी पॉजिटिविटी दर  8.04% है और इसमें निरंतर गिरावट  जारी है।

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भर्ती और मानक उपचार प्रोटोकॉल का पालन करने की केंद्र की रणनीति के तहत राज्यों/संघ शासित प्रदेशों द्वारा सहयोगात्मक कार्रवाई के परिणामस्‍वरूप प्रतिदिन संक्रमण के नए मामलों में निरंतर कमी हो रही है, जिससे सार्वजनिक और निजी अस्पताल और होम आइसोलेशन के लिए चिकित्सा की एक मानकीकृत गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।

भारत ने हाल के दिनों में लगातार नए मामलों की तुलना में अधिक रिकवरी दर दर्ज की है। नतीजतन, सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही है और आज सक्रिय मामले घटकर 8,26,876 हो गए हैं और यह देश के कुल पॉजिटिव मामलों का केवल 11.42% है।

पिछले 24 घंटों में कोविड के 74,632 रोगी ठीक हुए हैं और डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि इस अवधि के दौरान नए पुष्ट मामले 63,509 सामने आए हैं। रोगियों के ठीक होने संख्या के साथ इसने राष्ट्रीय रिकवरी दर 87.05% तक पहुंच गया है।

अभी तक कुल 63,01,927 रोगी ठीक हो चुके हैं। ठीक होने वाले मामलों और सक्रिय मामलों के बीच का अंतर 54,75,051 हो गया है और लगातार यह अंतर बढ़ रहा है।

ठीक होने वाले नए मामलों में से 79 फीसदी मामले 10 राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से हैं जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और दिल्ली शामिल है।

महाराष्ट्र ने एक दिन में ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में 15,000 का सर्वाधिक योगदान दिया है।

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पिछले 24 घंटों के दौरान 63,509 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए।

77% नए मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। केरल ने सबसे अधिक नए मामलों की संख्या में महाराष्ट्र को पछाड़ दिया है।

शीर्ष तीन योगदान देने वाले राज्य  केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने इस सूची में 8,000 से अधिक मामलों का योगदान दिया है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश दोनों ने मिलकर इस सूची में 4,000 से अधिक मामलों का योगदान दिया।

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पिछले 24 घंटों में 730 रोगियों की मौत हुई हैं। इनमें से लगभग 80% दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से हैं।

25 फीसदी से अधिक मौतें महाराष्ट्र (187 मौत) से दर्ज की गई हैं।

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देश के लगभग सभी राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश कोविड-19 से प्रभावित हैं। हमारे देश में हर साल डेंगू, मलेरिया, मौसमी इन्फ्लुएंजा, लेप्टोस्पायरोसिस, चिकनगुनिया, एंटरिक फीवर इत्यादि जैसी महामारी प्रवण बीमारियों के मौसमी पैटर्न को न केवल नैदानिक दुविधा के रूप में पेश किया जा सकता है, बल्कि कोविड मामलों में सह-अस्तित्व में भी हो सकता है। यह कोविड के नैदानिक और प्रयोगशाला निदान में एक चुनौती है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अन्य मौसमी महामारी  के साथ कोविड-19 के सह-संक्रमण के प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसकी जानकारी निम्न दिए गए लिंक पर पढ़ी जा सकती है:

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