पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह नहीं रहे

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नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को देहांत हो गया उन्हें मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन के कारण दिल्ली स्थित आर आर अस्पताल में भर्ती कराया गया था । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के सभी बड़े नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है । वे 82 साल के थे।

श्री सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान महत्वपूर्ण विभागों को संभाला था। वे वित्त, रक्षा और विदेश मामले के मंत्री बनाये गए थे। एक समय भाजपा के क़द्दावर नेताओं में से एक जसवंत सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद करीबी माने जाते थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के कारण वे सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे।

बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक जसवंत सिंह को पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय किस्मत आजमायी लेकिन हार का सामना करना पड़ा. 2014 में ही गिरने के कारण उन्हें सिर में गंभीर चोट आयी, इसके बाद से वे कोमा में थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि जसवंत सिंह का योगदान भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में सदैव याद किया जाएगा। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उनके दृढ़ निर्णय और सोच दूसरों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह के साथ उनकी बातचीत सदैव उनके लिए यादगार रहेगी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जसवंत सिंह के निधन पर शोक जताया है उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह बेहद सुलझे हुए राजनेता थे और उन्होंने केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री वित्त मंत्री और विदेश मंत्री के रूप में अहम भूमिका निभाई उनके निधन से राजनीतिक क्षितिज में अपूरणीय क्षति हुई है।

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