दिल्ली हवाई अड्डे ने देश भर में आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक पोर्टल विकसित किया

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नई दिल्ली। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल), जीएमआर समूह के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने आज घोषणा की है कि उसने अपनी तरह का पहला पोर्टल विकसित किया है जहां भारत आगमन करने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्री अनिवार्य स्व-घोषित फार्म भर सकते हैं। इसके माध्यम से ही अनिवार्य संस्थान क्वारंटाइन प्रक्रिया से छूट प्राप्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म का विकास नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के सहयोग से किया गया है, जिनमें दिल्ली, उत्तरप्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सुविधा 8 अगस्त, 2020 से भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।

यह पोर्टल संपर्क रहित तरीके से यात्रियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने में मदद करेगा मिलेगी क्योंकि उन्हें आगमन पर फॉर्म की प्रति (कॉपी) भरने की आवश्यकता नहीं होगी। दिल्ली एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा का केंद्र (हब) बना हुआ है। भारत द्वारा कई देशों के साथ एयर बबल स्थापित करने के साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। फिर, यह नया ऑनलाइन स्व-घोषणा और क्वारंटाइन छूट पोर्टल, सरकारी अधिकारियों के लिए छूट प्रदान करने या आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री की नवीनतम स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक त्वरित और मिली जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में फायदेमंद साबित होगा।

पांच विशिष्ट श्रेणियों के अंतर्गत छूट चाहने वाले यात्रियों को दिल्ली हवाई अड्डे की वेबसाइट “www.newdelhiairport.in” पर उपलब्ध ई-फॉर्म भरना आवश्यक होगा। उन्हें अपनी यात्रा से कम से 72 घंटे पहले, अपने पासपोर्ट की कॉपी सहित सहायक दस्तावेजों के साथ इसे जमा करना होगा। हालांकि, स्व-घोषित फॉर्म भरने वाले यात्रियों के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।

इस प्रक्रिया से, यात्रियों को एक ही सेट वाले सूचना और दस्तावेजों को कई बार विभिन्न प्राधिकरणों को देने की परेशानी से बचने में सहायता मिलेगी, क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल में पिछले आवेदन की अनुरोध संख्या का उपयोग करके दूसरे आवेदन को ऑटोफिल करने का स्मार्ट विकल्प मौजूद है। सभी आवेदनों को आगमन के आधार पर संबंधित राज्य सरकार को ऑटो-रूट किया जाएगा। इसी तरह, सभी स्व-घोषित आवेदनों को, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (एपीएचओ) में भेज दिया जाएगा।

विशिष्ट आधारों पर मांगे गए छूट अनुरोधों की स्वीकृति या अस्वीकृति की एक प्रति यात्रियों को ई-मेल के माध्यम से भेज दी जाएगी। जिन्हें अनिवार्य संस्थागत क्वारंटाइन से छूट प्रदान की जाएगी, वे दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के बाद स्थानांतरण क्षेत्र में ही इसे दिखा सकते हैं और हवाई अड्डे से बाहर बिना किसी परेशानी के निकल सकते हैं। इस प्रक्रिया से न केवल हवाई यात्रियों को मदद मिलेगी, जो छूट मांग रहे हैं, बल्कि अधिकारियों को भी अपेक्षित औपचारिकताओं को तीव्र गति से पूरा करने और हवाई अड्डों के आगमन हॉल में भीड़ में कमी लाने में मदद मिलेगी।

यात्रियों के छूट आवेदन पर केवल तभी विचार किया जाएगा जब वे पांच छूट प्राप्त श्रेणियों में से किसी एक के अंतर्गत आते हैं- गर्भवती महिलाएं, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु, गंभीर बीमारी से पीड़ित (विवरण के साथ), 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ माता-पिता और हाल में कोविड-19 के आरटी-पीसीआर परीक्षण में नकारात्मक पाए गए लोग। एयरलाइंस आरक्षण के समय यात्रियों को यह भी सूचित कर सकती है कि यात्री भारत के जिस राज्य में जा रहें हैं वहां की सरकार पांच विशिष्ट श्रेणियों के लिए केस-टू-केस आधार पर संस्थागत क्वारंटाइन से छूट को अधिकृत कर सकती है।

इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए, विदेह कुमार जयपुरिया, सीईओ-डायल ने कहा, “निश्चित रूप से कोविड-19 ने दिल्ली हवाई अड्डे के संचालन के तरीके को बदल दिया है। हमारी गतिविधियां हमारे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर केंद्रित है। इस महामारी के दौरान अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के पहुंचने पर होने वाली असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली हवाई अड्डे ने भारत सरकार के साथ मिलकर एक पहल की शुरुआत की है जो आने वाले सभी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के हितों के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत वापस आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एक अनुमोदित छूट फॉर्म उपलब्ध होने से न केवल क्वारंटाइन प्रक्रिया में आसानी होगी, बल्कि क्वारंटाइन प्रक्रिया के लिए कतारबद्ध होते समय अत्यधिक देरी की समस्या को भी कम किया जा सकेगा। इसके अलावा यात्री दो बार स्व-घोषणा की प्रति (कॉपी) भरने की परेशानियों से भी बच सकते हैं।”

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुश्री उषा पाढ़ी ने दिल्ली हवाई अड्डे की पहल की सराहना करते हुए कहा, “भारत में अंतर्राष्ट्रीय आगमन सेवा फिर से शुरू किए हुए कुछ समय हुआ है। महामारी के दौरान सीमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से यात्री विभिन्न कारणों से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। एमओसीए, स्वास्थ्य स्व-घोषणा की इस प्रक्रिया को डिजिटलीकृत करने, सुव्यवस्थित करने और यात्रियों को छूट देने में दिल्ली हवाई अड्डे के योगदान की सराहना करता है। डायल द्वारा तैयार ई-प्लेटफॉर्म का उपयोग देश के सभी हवाई अड्डों पर किया जाएगा और यह राज्यों/ स्वास्थ्य प्राधिकरणों को अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया को तीव्रता के साथ ट्रैक करने में मदद करेगा। इससे भारतीय हवाई अड्डों पर उड़ानों की संख्या को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।”

सरकार के वर्तमान अधिदेश के अनुसार, भारत में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से पहुंचने वाले सभी यात्रियों को अपने खर्चे पर सात दिनों के संस्थागत क्वारंटाइन में रहना पड़ता है, इसके बाद सात दिनों का होम क्वारंटाइन लागू होता है। पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एपीएचओ द्वारा स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से गुजरना अनिवार्य है। इसमें अत्यधिक सावधानी के साथ की गई थर्मल टेम्परेचर स्क्रीनिंग, अत्यधिक सटीक, मास स्क्रीनिंग कैमरे शामिल हैं।

डायल के संदर्भ में

जीएमआर समूह के नेतृत्व में, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) एक कंसोर्टियम है; जिसमें जीएमआर समूह, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और फ्रापोर्ट शामिल हैं। इस कंसोर्टियम के पास दिल्ली हवाई अड्डे को 30 वर्षों के लिए वित्त, डिजाइन, निर्माण, संचालन और रख-रखाव करने का अधिदेश प्राप्त है, जिसमें इसको और 30 वर्षों तक बढ़ाने का भी विकल्प मौजूद है। वास्तव में यह सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) का एक शानदार उदाहरण साबित हो रहा है। इस हवाई अड्डे को 2019 के लिए एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी प्रोग्राम में, एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा आकार और क्षेत्र (एशिया प्रशांत क्षेत्र में 40 एमपीपीए से ज्यादा) में सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे के रूप में चुना गया है। डायल ने दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण का काम 37 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा किया है, जिसमें टर्मिनल 3 (टी3) – भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी इमारत- को चालू करना भी शामिल है।

डायल द्वारा प्रबंधित किए जा रहे यात्री टर्मिनलों को उनकी अत्याधुनिक अवसंरचना, डिजाइन और परिचालन दक्षता के लिए जाना जाता है। टी3 कई वाहकों के लिए एक हब के रूप में कार्य करता है और यह वास्तव में भारतीय यात्रियों के उड़ान को फिर से परिभाषित करता है। दिल्ली हवाई अड्डा, 2018 में 69.8 एमपीपीए वार्षिक यातायात क्षमताओं के साथ, यात्री और कार्गो दोनों के लिए एक अग्रणी भारतीय हवाई अड्डा है। डायल हरित चिरस्थाई प्रौद्योगिकियों की मजबूती पर बल देता है और इसको पर्यावरण स्थिरता वाले पहलों के लिए कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। अधिक जानकारी के लिए http://www.newdelhiairport.in पर क्लिक करें।

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