CssFounder.com की सामाजिक मुहिम : 4 वर्षों से लोगों की मदद के लिए बढ़ा रहे हैं हाथ

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-कोरोना काल हो या कड़ाके की ठण्ड, गरीबों की मदद करना बन गई है साप्ताहिक दिनचर्या

-एक सफल स्टार्टआप कम्पनी के रूप में देश व विदेशों में दे रहे हैं बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर

-चेयरमैन इमरान खान का दावा वेबसाइट डिजाइनिंग के क्षेत्र में हैं नम्बर वन

नई दिल्ली :  कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) वैसे तो एक नया फ्रेज है भारत के लिए, जिसे भारत सरकार ने कम्पनी अधिनियम 2013 में एक संशोधन के साथ अप्रैल 2014 में अमली जामा पहना दिया। भारत विश्व का पहला ऐसा देश है जिसने इस प्रकार सामाजिक जिम्मेदारी को सीएसआर के साथ अनिवार्य कर दिया। व्यवसायिक प्रतिष्ठान अपने लाभ का हिस्सा, शिक्षा, गरीबी, लिंग समानता एवं भूखों की रोटी पर खर्च कर सकते हैं. यह बड़े प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य किये गए हैं. भारत सरकार की ओर से इस मामले में किया गए खर्च के एवज में कंपनियों को टैक्स बेनिफिट्स भी दिए जाते हैं।

लेकिन ये भारत है, जहाँ सब कुछ स्वार्थ अथवा लाभ के लिए ही नहीं होता. बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर भी लोग अपनी आय का कुछ हिस्सा समाज सेवा पर खर्च करते हैं। यही कारण है कि यहाँ के व्यावसायी इस प्रकार की जिम्मेदारियों का निर्वहन सीएसआर के अस्तित्व में आने से पहले भी करते रहे हैं और बाद में भी करते रहेंगे। दरअसल सामाजिक जिम्मेदारी तो हमारी भारतीय संस्कृति में ही अन्तर्निहित है। ऐसे ही एक युवा उद्यमी हैं नोयडा के इमरान खान जो अपने स्टार्टअप CssFounder.com के साथ साथ गरीब बच्चों के लिए भी काम कर रहे हैं। इमरान वर्ष 2016 से ही “Free Food For Needy Children” प्रोग्राम चला रहे हैं जिसके अंतर्गत वे दिल्ली – एनसीआर के झोपड़-पट्टी क्षेत्रों या रोड पर रहने को मजबूर लोगो और बच्चों के लिए मुफ्त खाना मुहैय्या कराते हैं। ये कार्यक्रम वे हर सप्ताह विशेषकर शनिवार एवं एवं रविवार को आयोजित करते हैं। इमरान का मानना है कि अगर हममें से हर एक जो कि थोड़ा भी स्थापित है, अगर समाज के कुछ गरीब बच्चों के खान पान की जिम्मेदारी ले ले तो शायद देश का कोई भी बच्चा भूखा नहीं सोयेगा।

देश भर में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. वहीँ दिल्ली में भी कोरोना के अब एक लाख से अधिक मामले सामने आ गए हैं जो लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए घोषित देशव्यापी लॉक डाउन के बाद लोगों में अपने अपने घर जाने को लेकर अफरातफरी मच गई थी। हालत यह हुई कि हजारों लोग पैदल ही अपने घर की ओर निकाल गए थे। इस भयानक स्थिति में लोग लगातार एक दूसरे की मदद कर रहे थे। इसी बीच CSSFOUNDER.com के चैयरमैन इमरान खान ने भी अपनी टीम के साथ लोगों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया । आपको बता दें कि इमरान खान के साथ उनके पूरे परिवार ने मिलकर पैदल जा रहे लोगों को गाजियाबाद, NH24 के हाईवे पर खाने पीने की चीजें मुहैया कराई। उन्होने लोगों से भी अपील की कि कठिनाई के इस दौर में वो सरकार का सहयोग करे। उन्होंने इस महामारी की स्थिति में लोगों से जितना संभव हो सके उतनी लोगों की मदद करने को भी प्रेरित किया । इसके साथ CssFounder.com अपने टीम के  साथ सर्दियों में भी कम्बल और खाने के लिए राशन का सामान बाँटने का भी काम करते हैं, इनका अधिकतम फोकस उन लोगों को मदद पहुंचाने पर रहता है जो लोग अपने परिवार के साथ सड़क किनारे खुली आकाश के नीचे सोने को मजबूर हैं .

इमरान लम्बे समय से व्यापार से जुड़े हुए हैं, शुरुआत उन्होंने अपने फैमिली बिज़नेस से की.  2014 में उन्होंने खुद की कम्पनी CssFounder.com की स्थापना की. सीएसएस फॉउंडर प्रारम्भ में एक प्रोपराइटरशिप कम्पनी थी. इसे 2016 में उन्होंने प्राइवेट लिमिटेड इकाई में तब्दील कर दिया। सीएसएस फॉउंडर आज एक सफल स्टार्टआप कम्पनी है. यह वेबसाइट डिजाइनिंग के क्षेत्र में देश के कई शहरों जैसे नोयडा, गाजियाबाद, दिल्ली – एनसीआर, मुंबई, ठाणे इत्यादि में मजबूती से स्थापित हो चुकी है. इसके अतिरिक्त दुनिया भर के कई देशों और अन्य शहरों में भी सीएसएस फॉउंडर ने अपने व्यावसायिक दक्षता व क्षमता से बड़े पैमाने पर अपने ग्राहक बनाए हैं । दुबई हो या शारजाह, आबूधाबी या फिर जेद्दाह एवं रियाद, कोलंबिया व शिकागो, नॉर्वे या टोरंटो, डेन्वेर, बोइसे, अटलांटा एवं स्टॉकहोम जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में  में भी सीएसएस फॉउंडर आज वेबसाइट डिजाइनिंग के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर देते हुए काफी पीछे छोड़ दिया है . सर्च के नतीजे इस कंपनी की बेहतरीन व्यावसायिक उपलब्धियों की गवाही देते हैं।

व्यावसायिक गतिविधियों के साथ साथ सामाजिक कार्य में रूचि लेना इनके दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग बन गया है. इमरान खान मानते हैं कि यदि इंडिया की हर छोटी और बड़ी कंपनी अपना थोड़ा थोड़ा पैसा निकल कर सामाजिक कार्य में लगाए तो हम लोग देश में बड़ा बदलाव ला सकते हैं. छोटी या बड़ी कंपनी अगर अपने मार्केटिंग के सालाना बजट में से 10% चैरिटी के लिए निकाले तो इससे ही कमजोर तबके का काय पलट हो सकता है. गरीबों की सेवा की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रमोट करे तो लोग उनकी कंपनी से भावनात्मक तरीके से जुड़ेंगे और उनको आगे बढाने की कोशिश करेंगे. लोगों का समर्थन भी उन्हें मिलेगा और इस तरह से व्यापर में भी बदलाव आएंगे जो मैं खुद समाज सेवा में शामिल होकर अनुभव कर रहा हूँ.

इमरान कहते हैं कि मै हिंदुस्तान के सभी व्यापारियों से गुजारिश करता हूँ कि बदलाव की ओर अपने कदम आगे बढ़ाये .  हम और आप मिलकर सामाजिक उत्थान की दिशा में कारगर काम कर सकते हैं . जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकते हैं . मेरा मानना है की लोगो की मदद करके सुकून मिलता हूँ और आप पॉजिटिव महसूस करते हैं. जब हम किसी की मदद करते हैं तो इससे लोगों में एक पोजिटिव मेसेज जाता है.  रचनात्मक कार्यों में अपना योगदान देकर हम आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करते हैं.  इस वजह से जो हम सोचते हैं या चाहते हैं उसके पूरा होने की संभावना प्रबल रहती है क्योंकि अपने प्रोफेशन में भी सकारात्मक भाव से काम करने की प्रेरणा मिलती है जो सफलता देती है.

इमरान कहते हैं हम तो बस एक साफ़, सहयोगी और सामाजिक उत्तरदायित्व से परिपूर्ण ह्रदय लेकर व्यापार जगत में उतरे थे. हमारी जीतोड़ मेहनत और नेकनीयत ने साथ दिया और हम सफल हुए. यह सब भागवान का करम है। हमारी इस सफलता के पीछे एक टीम वर्क रहा है जिसमें मेरे साथ साथ चाँदनी खान, आशिया, कबीर, सलमान आरव, विआन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने स्टार्पअप के साथ साथ सामाजिक उत्तरदायित्व पर आज भी हम उतने ही फोकस्ड हैं और “Free Food For Needy Children” की यह मुहिम लगातार ऐसे ही चलती रहेगी।

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