मोदी केबिनेट का बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा फैसला : रिजर्व बैंक के दायरे में आएंगे कोऑपरेटिव बैंक, बचत की मिलेगी गारंटी

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नई दिल्ली,24 जून । पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी कैबिनेट ने अध्यादेश पर मुहर लगाते हुए सभी कोऑपरेटिव बैंकों को रिजर्व बैंक के दायरे में ला दिया है। इससे लोगों को बचत की गारंटी मिलेगी। 


जावड़ेकर ने कहा कि देश में 1482 अर्बन कोऑपेटिव बैंक और हैं 85 मल्टी स्टेक कोऑपरेटिव बैंक हैं, इनको लेकर आज एक अध्यादेश को मंजूरी दी गई है। अब ये सभी बैंक रिजर्व बैंक के सुपरविजन में आ जाएंगे। सभी बैंकिंग नियम इन कोऑपरेटिव बैंकों पर लागू होगा।

इसका फायदा होगा कि जमाकर्ता को भरोसा मिलेगा कि हमारा पैसा सुरक्षित है। 8 करोड़ 60 लाख खाताधारक हैं इन 1540 बैंकों में। 4 लाख करोड़ 84 लाख रुपए जमा हैं। इस सबकी अच्छी रक्षा होगी। रिस्ट्रक्चरिंग के समय लोगों को डर लगता है, जो हमने कुछ मामलों में देखा। अब यह नहीं होगा। 

मुद्रा लोन योजना के तहत शिशु मुद्रा लोन लेने वाले 9 करोड़ 37 लाख लोगों को ब्याज में दो फीसदी की छूट मिलेगी। ठेले और रेहड़ी पटरी वाले या छोटे दुकानदारों मुद्रा योजना से पहले साहूकारों से पैसा लेते थे, उन्हें बहुत ब्याज चुकाना होता था।

अब उन्हें बैंकों से पैसा मिलता है। उन्हें अब 2 फीसदी की छूट मिलेगी। छोटे आदमी को बड़ा फायदा देने वाली योजना है। 1 जून 2020 से यह योजना लागू होगी और 31 मई 2021 तक चलेगी। इसके लिए इस वर्ष में 1540 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।


जावड़ेकर ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा सुधार किया गया है। हमने अभी तक स्पेस विज्ञान में अच्छा विकास किया है। अब यह सभी लोगों के लिए खुल रहा है।

भारत के छात्रों ने एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण सैटेलाइट बनाया । लेकिन उन्हें वह बाहर देश से छोड़ना पड़ा। जैसे अटल जी के समय में बिजली के क्षेत्र में हुआ वही आज स्पेस के क्षेत्र में हुआ है।

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