मोदी केबिनेट ने आज 6 महत्वपूर्ण निर्णय लिए : किसानों को अपनी मर्जी से फसल बेचने की मिली आजादी

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सुभाष चन्द्र चौधरी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार को संभव है एक बार फिर कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन की दृष्टि से संभावना दिखने लगी. कोरोना काल में देश व्यापी लॉक डाउन के बाद उद्योग धंधे से बेरोजगार हुए लोगों को रोज्ग्गार देना बड़ी चुनौती है. इस दृष्टि से आज कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने किसानों से जुड़े तीन बड़े फैसले लिए। कृषि से जुड़े दो अध्यादेशों को मंजूरी दी और एक प्रमुख कानून में बदलाव क लिए अध्यादेश में संशोधन को मंजूरी दी । इस नए नियम से अब किसानों को अपनी मर्जी से फसल बेचने की आजादी मिलेगी। इसमें बिचौलिए की भूमिका को समाप्त के दी गई. मोदी केबिनेट में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी केन्द्रीय मंत्री प्रकास जावडेकर ने दी. उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार ने पिछले पहले ही घोषणा की थी।

 

आज मोदी केबिनेट ने लिए 6 महत्वपूर्ण निर्णय :

 

 फार्मिंग प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स अध्यादेश-2020 को दी मंजूरी :

अब इसके तहत किसानों को अपनी फसल अपने मनमर्जी हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी। अब किसान जहां चाहेगा और जिसे चाहेगा अपनी फसल बेच सकेगा। ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री होगी। एक राज्य से दूसरे राज्य में भी किसान फसल बेच सकेंगे जिससे किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल सकेगी। यह एक देश, एक बाजार की तरह काम करेगा।

 

 द फार्मर्स एग्रीमेंट प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज अध्यादेश -2020 को मंजूरी दी : 

 

इसके तहत अब किसान और व्यापारी अपने आप फसल के लिए एग्रीमेंट कर सकेंगे। इसमें न्यूनतम कीमत पहले ही तय हो जायेगा। इससे किसानों को नुकसान नहीं होगा और फसल आने पर भाव ज्यादा होने पर व्यापारी को होने वाले फायदे में से किसान को भी शेयर मिले सकेगा. इसके लिए केंद्र सरकार नियम बनाएगी। किसान व व्यापारी में विवाद होने पर पहले एस डी एम्  कोर्ट फिर डी एम् कोर्ट में मामला सूना जायेगा. इन दोनों कोर्ट में विवाद को केवल 30 दिनों में ही सुलझाने की समय सीमा निर्धारित होगी.

 

आवश्यक वस्तु अधिनियम में भी संशोधन की मंजूरी मिली :

 

अब नए एक्ट से अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू और प्याज आवश्यक वस्तु नहीं रहेंगे. इनको इस एक्ट से बाहर कर दिया जायेगा। इससे इन वस्तुओं के व्यापार के लिए अब स्टॉक लिमिट लागू नहीं रहेगी । अब किसान जितना चाहे एक्सपोर्ट कर सकता है और जितना चाहे स्टोर भी कर सकता है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी . केवल आपदा, युद्ध या बहुत ज्यादा महंगाई होने जैसी विषम परिस्थिति में ही स्टोर करने पर प्रतिबंध लागू होंगे। यानी ब्लैक मार्केटिंग मामला ख़त्म .

 

प्रोजेक्ट डेवलपमेंट सेल्स का गठन किया जाएगा :

 

मोदी सरार ने आज देश में निवेश बढ़ाने के लिए एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट सेल्स के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कृषि में निवेश करने आले या अन्य क्षेत्रों में निवेश करने वालों को सरकारी विभागों और मंत्रालयों से समय पर क्लीयरेंस मिल जाए इसकी व्यवस्था इनके हाथ में होगी । यह समूह निवेश बढ़ाने की योजनाएं बनाएंगे और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की योजना बनायेंगे।

 

कोलकाता पोर्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट होगा :

 

मोदी केबिनेट ने कोलकाता पोर्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की मंजूरी दी जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 11 जनवरी को कोलकाता पोर्ट के वार्षिक समारोह के दौरान किया था.

 

औषध कोष आयोग के गठन का निर्णय लिया :

 

आयुष मंत्रालय के अधीन औषध कोष आयोग फार्माकॉपिया का गठन किया जाएगा । गाजियाबाद में आयुष मंत्रालय के दो लैब्स हैं जिनका अब इसमें विलय करा दिया जाएगा.

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