उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा के सभी सांसदों से सांसद निधि से एक करोड़ रु. देने का आह्वान किया

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कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए आर्थिक मदद की अपील

 

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने राज्य सभा के सांसदों से सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र व्यापी अभियान हेतु स्थापित कोष में, अपने सांसद निधि से कम से कम रू 1 करोड़ योगदान स्वरूप देने की अपील की है।

इस संदर्भ में सांसदों को लिखे अपने पत्र में उपराष्ट्रपति ने कहा है कि कोविड 19 संक्रमण से पैदा हुए इस संकट से निपटने के लिए, सरकार, निजी क्षेत्र तथा नागरिकों द्वारा इस संक्रमण के विरुद्ध अनेक कदम उठाए गए हैं जिसके लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय, मानव संसाधनों और साजो समान की आवश्यकता होगी जिसके लिए भारत सरकार विभिन्न तरीकों से जरूरी वित्तीय संसाधन एकत्र कर रही है जिससे केंद्र, राज्य तथा जिला स्तर तक पर्याप्त संसाधनों को उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में सांसदों की तत्परता भारत सरकार द्वारा इस संक्रमण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण योगदान होगा। उपराष्ट्रपति ने आग्रह किया वे वर्ष 2020-21 के लिए अपनी सांसद निधि में से कम से कम रू 1 करोड़ की राशि केंद्र सरकार द्वारा नियत कोष में देने के लिए अपनी स्वीकृति इंगित करें।

उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि ( MPLADS) से संबद्ध नियमों में, एक बार के लिए आवश्यक विशेष प्रावधान किए गए हैं।

उपराष्ट्रपति ने देशवासियों से भी अपील की कि वे आपदा प्रबंधन क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए, PM-CARE फंड में उदारतापूर्वक योगदान दें।

नागरिकों, समाज सेवी संस्थाओं तथा धार्मिक संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन से अपील की कि वे स्थानीय स्तर पर ही दुर्बल वर्गों और जरूरतमंदों के लिए भोजन, आश्रय की व्यवस्था करने में या अन्य कैसी भी सहायता से अपना यथासंभव योगदान करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पूर्ण पालन करें।

इससे पहले उपराष्ट्रपति ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, दोनों सदनों के महासचिवों के साथ इस विषय पर बैठक की तथा राज्य सभा के उपसभापति तथा राज्य सभा में विभिन्न दलों के नेताओं से सांसद निधि के विषय में चर्चा की।

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