केंद्र सरकार का उद्योग व व्यवसाय जगत के लिए राहत का ऐलान : रिटर्न की अवधि बढ़ाई

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नई दिल्ली : केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टीडीएस की देरी से जमा राशि पर ब्याज दर घटाकर 30 जून 2020 तक करने की समय सीमा बढ़ा दी है। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाली कंपनियों को ब्याज, देरी शुल्क या जुर्माना नहीं देना होगा. उन्होंने कहा कि  हालांकि, बड़ी कंपनियों के लिए, कोई देर शुल्क और जुर्माना नहीं लिया जाएगा, लेकिन ब्याज कम पर 9 प्रतिशत की दर लगाया जाएगा । उन्होंने कहा कि मार्च ,अप्रेल और जून की जी एस टी रिटर्न 30 जून तक जमा कराने की अवधि बधाई गयी. उन्होंने कहा कि काम चल रहा है और हम एक आर्थिक पैकेज के साथ आने के बहुत करीब हैं जिसकी घोषणा बाद में की बजाय जल्द ही की जाएगी.

सबका विश्वास योजना सहित कई अधिनियमों और योजनाओं की समय सीमा 30 जून 2020 तक बढ़ा दी गई है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कल एक वेब प्रपत्र निकाला था जो कोबिड -19 महामारी से लड़ने के लिए कंपनियों की तत्परता का पता लगाने के लिए था। सरकार ने यह भी कहा कि यह न्यूनतम भुगतान और डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (डीएससी) की आवश्यकता के बिना न्यूनतम क्षेत्रों के साथ एक सरल वेब फॉर्म है और इसे कहीं से भी दायर किया जा सकता है।

वित्त मंत्री की घोषणा :

–  2018-19 की ITR डेडलाइन 30 जून तक बढ़ी

– आधार को PAN कार्ड से लिंक करने की तारीख 30 जून

– विवाद से विश्वास स्कीम 30 जून तक

– TDS पर ब्याज 18 से घटाकर 9 फीसदी किया गया

– रिटर्न देरी पर 12 फीसदी के स्थान पर 9 फीसदी चार्ज

सभी भारतीय कंपनियों, विदेशी कंपनियों, एलएलपी और विदेशी एलएलपी और कंपनी या एलएलपी के किसी भी अधिकृत प्राधिकारी में से किसी एक के लिए केवल ओटीपी सत्यापन के साथ ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

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