स्वतंत्रता सेनानी भागमल नहीं रहे

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गुरुग्राम :  टीकली गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी भागमल का रविवार को निधन हो गया। वे 99 वर्ष के थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ी लड़ाई के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज में सेवाएं दी थी। उनका अंतिम संस्कार गांव टीकली में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
स्वतंत्रता सेनानी भागमल ने 1942 से 1946 तक देश की आजादी के लिए आईएनए में सक्रिय भूमिका निभाई। एक साल तक वे लाहौर जेल में भी बंद रहे। वे बताते थे कि उन्हें कई बार नेता जी से मिलने का मौका मिला था। इसी साल 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर 9 अगस्त को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें सम्मानित किया था।

 

15 अगस्त को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिले थे। वे अपने पीछे एक पुत्र, दो पौत्र, तीन प्रपौत्र व एक प्रपौत्री छोड़ गए हैं। उनका एक पौत्र सेना से रिटायर हो चुका है।

अंतिम संस्कार से पहले उन्हें हरियाणा पुलिस की तरफ से सलामी दी गई। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार ओमप्रकाश, एसीपी सुखबीर सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार मौजूद रहे। जिला सैनिक बोर्ड की ओर से सूबेदार बिजेंद्र ठाकरान ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित किया। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी समिति की ओर से अध्यक्ष कपूर सिंह दलाल, लेखराज, मातादीन, महेंद्र सिंह ने पुष्प अर्पित किए। अंतिम संस्कार के दौरान टीकली के अलावा अकलीमपुर, नूरपुर, पलड़ा, गैरपुर बास आदि के हजारों ग्रामीण मौजूद रहे।

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