रमन मलिक के नेतृत्व में निगमायुक्त से मिले आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि, पार्क व कम्युनिटी सेंटर वापस लेने का किया विरोध, पार्षदों के खिलाफ उठी आवाज

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गुरुग्राम । शहर में पार्कों और समुदाय केंद्रों के रखरखाव के अधिकार आरडब्ल्यूए से निगम पार्षदों द्वारा वापस लिए जाने की कवायद शुरू करने के बाद आज रमन मलिक की अगुवाई में शहर की अधिकतर आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि गुरुग्राम निगम कमिश्नर, विनय प्रताप सिंह से मिले। पार्क व कम्युनिटी सेंटर के रखरखाव की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए से छीनने का विरोध किया और पार्षदों की ओर से मेयर को दिए प्रस्ताव पर रोष जताया। सभी प्रतिनिधियों ने पार्षदों की इस मांग को अव्यावहारिक बताया।उल्लेखनीय है कि गत 12 जनवरी को साउथ सिटी 2 स्थित रमन मलिक के निवास पर 60 से ज्यादा आरडब्लूए वे पदाधिकारी एकत्रित हुए थे और उन्होंने यह मांग रखी थी कि पार्क और सामुदायिक केंद्रों को हथियाने की कवायद जो निगम पार्षद कर रहे हैं वह उसके विरोध में हैं। रमन मलिक ने आश्वासन दिया था कि वह उनके अधिकारों के लिए हर संभव कोशिश करेंगे और लड़ाई करेंगे।इस दृष्टि से आज रमन मालिक ने सभी आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ निगम कमिश्नर से मुलाकात कर लोगों की भावना से अवगत कराया और उनके संज्ञान में विस्तार से सभी तथ्यों को रखा।ज्ञात रहे कि पार्षदों ने यही प्रयास पिछले निगम आयुक्त यशपाल यादव के कार्यकाल में भी किया था जिसे तत्कालीन निगम आयुक्त ने मानने से इनकार कर दिया था और अरडब्लूए को भरोसा दिया था कि वो उनके साथ हैं और वो चाहेंगे कि अरडब्लूए को और शशक्त किया जाए।रमन मालिक का कहना है कि तब भी उन्होंने ही आरडब्ल्यूए का साथ दिया था और उनकी मांग को प्रमुखता से उठाया था।आज निगम कमिश्नर विनय प्रताप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव उनके संज्ञान में अभी तक नहीं आया है और वह इस विषय का पूर्णता से अध्ययन कर जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो आरडब्लूए अच्छा काम कर रही हैं और उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है तो उन्हें यह उचित नहीं लगता कि पार्कों और सामुदायिक केंद्रों का रखरखाव उनसे वापस लिया जाए।रमन मालिक ने बताया कि निगमायुक्त ने यह भी कहा कि वह इस विषय की गंभीरता को समझ रहे हैं और वह मानते हैं की निगम और नागरिकों के बीच में भागीदारी बनी रहनी चाहिए।आरडब्ल्यू के प्रतिनिधियों ने बताया कि पार्क और समुदाय केंद्रों की पेमेंट कई महीने से पेंडिंग है और रखरखाव में कई बार वह अपने जेब से भी पैसे लगाते हैं और कहीं ना कहीं अगर निगम अपने आप इनका रखरखाव करता है तो वह निगम के लिए एक वित्तीय बोझ भी साबित होगा । क्योंकि वर्तमान में सिर्फ ₹3 प्रति वर्ग मीटर पार्कों के रखरखाव के लिए धनराशि की अदायगी कई जाती है। अगर यही व्यवस्था निगम अपने आप करें तो फिर निगम को या तो इन सभी पार्को के रखरखाव के लिए और लोगों को नौकरी पर रखना पड़ेगा और नहीं तो ठेकेदारों को लेना पड़ेगा और ठेकेदारों को लेते ही भ्रष्टाचार होना लगभग तय है जिसके ऊपर अंकुश लगाना फिर मुश्किल हो जाएगा।सभी RWA ने एकमत से कि यह फैसला लिया है कि पार्षदों की इस कोशिश का विरोध करेंगे और जनता के हित में अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिये संघर्षरत रहेंगे।निगमायुक्त से मिलने वालों में भाजपा प्रवक्ता रमन मालिक के साथ मुख्य रूप से ब्रह्म यादव, ललित भोला, मलखान यादव, महेंद्र यादव, दिनेश वशिष्ठ , सुधीर भारद्वाज, एच एस नंदा, कर्नल आर के शर्मा, राजेश कपूर, नारायण अग्रवाल, विनोद अरोड़ा, दिव्या अग्रवाल प्रमिला यादव, केल वासन, योगिता, टी सी अग्रवाल, अमित गोयल, वीरेंद्र त्यागी, आर के यादव सहित कई प्रतिनिधि शामिल थे।

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