दिल्ली के अग्निकांड को देखते हुए गुरुग्राम नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा, दुर्घटना के प्रति सतर्क रहने के निर्देश

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गुरुग्राम। दिल्ली में हुई आग की घटना को देखते हुए गुरूग्राम का दमकल विभाग अलर्ट हो गया है। नगर निगम गुरूग्राम के आयुक्त अमित खत्री के निर्देश पर मंगलवार को एडीशनल म्यूनिसिपल कमिशनर वाई एस गुप्ता ने दमकल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर फायर सेफ्टी की समीक्षा की तथा उन्हें इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री गुप्ता ने फायर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अस्थाई तौर पर दमकल गाडिय़ों को ऐसे स्थानों के नजदीक रखें, जहां पर आग लगने की संभावनाएं हैं, ताकि अगर आगजनी की घटना होती है, तो तुरंत ही वहां पर दमकल गाड़ी पहुंच सके। यहां सुझाव दिया गया कि बादशाहपुर कम्यूनिटी सैंटर तथा खेडक़ी दौला टोल के पास इस प्रकार की व्यवस्था की जा सकती है। इसके साथ ही मैनपावर को बढ़ाने बारे भी श्री गुप्ता ने फायर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने फायर अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे कलस्टर की पहचान करें, जहां आग लगने की संभावनाएं अधिक हैं। इन स्थानों पर अनाधिकृत गतिविधियों पर कार्रवाई करने बारे संबंधित विभागों को लिखें। श्री गुप्ता ने व्यवसायिक गतिविधियों की सर्वे करने बारे अधिकारियों को निर्देश दिए। फायर अधिकारियों ने बताया कि विशेषकर रात्रि के समय आग लगने के बारे में जानकारी काफी देर बाद पता चलती है। दिल्ली में रिहायशी क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से फैक्टरी चलाई जा रही थी तथा रात्रि के समय मजîूर वहां पर सोए हुए थे और शटर बन्द था, जबकि नियमों के अनुसार फैक्टरी में रात्रि के समय सोना मना है। फैक्टरी में आग लगने के कारण धूआं फैल गया, जिससे जानमाल की अधिक हानि हुई। बैठक में यह भी बताया गया कि सैक्टर-92 में फायर स्टेशन के लिए 4 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने बारे गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण से अनुरोध किया गया है।

फायर स्टेशनों के कार्यक्षेत्र बांटने बारे कमेटी का

गठन : बैठक में श्री गुप्ता ने फायर स्टेशनों का कार्यक्षेत्र बांटने बारे एक कमेटी का गठन किया। एडिशनल डिवीजनल फायर ऑफिसर ईशम सिंह कश्यप की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में सीनियर फायर स्टेशन ऑफिसर सत्यवान सामरीवाल, फायर स्टेशन ऑफिसर सुनील अदलखा तथा कंसलटैंट बीरबल शर्मा को शामिल किया गया है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही सभी संबंधित कार्यकारी अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से चलने वाली फैक्टरी और कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

आमजन से अपील : बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रिहायशी क्षेत्रों में चल रही अवैध फैक्टरियों और कर्मशियल गतिविधियों के बारे में नागरिक जिला प्रशासन, नगर निगम और फायर विभाग को सूचना दें। संबंधित विभाग सूचना के आधार पर अनाधिकृत गतिविधियों पर कार्रवाई करेगा। कार्रवाई के दौरान फायर विभाग भी जरूरत अनुसार सहयोग करने के लिए तत्पर है। जब भी आप लोग किसी पार्टी या फंक्शन में जाएं तो वहां पर एंट्री और एग्जिट का मुआयना जरूर कर लें, ताकि अगर किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो आसानी से निकला जा सके। कोई भी प्रतिष्ठान अपने यहां जरूरत से अधिक एलपीजी सिलेंडर ना रखें। इसके साथ ही प्रत्येक प्रतिष्ठान में अग्निशमन यंत्र रखना सुनिश्चित किया जाए। ऐसा नहीं करने पर फायर विभाग द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फायर सेफ्टी गाडिय़ों एवं उपकरणों की

समीक्षा : बैठक में गुरूग्राम फायर विभाग के पास मौजूद फायर सेफ्टी गाडिय़ों एवं उपकरणों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि फायर विभाग के पास एक 42 मीटर लंबाई का हाईड्रोलिक प्लेटफार्म है, जबकि डीएलएफ के पास 90 मीटर हाईड्रोलिक प्लेटफार्म उपलब्ध है। फायर विभाग और डीएलएफ के बीच अनुबंध है कि आवश्यकता पडऩे पर वे एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसके साथ ही 14 वाटर ब्राऊजर, 4 फोम टैंडर, एक वाटर टैंडर, 5 स्माल टैंडर, 3 रैस्क्यू टैंडर, 2 वाटर मिस्ट यूनिट, 1 स्टाफ रिकवरी वैन तथा 7 वाटर मिस्ट मोटरसाइकिल उपलब्ध हैं। एडीएफओ ने बताया कि मारूति, होंडा, डीएलएफ, मेदान्ता, एयरफोर्स एवं हल्दीराम के पास फायर सेफ्टी संसाधन एवं मैनपावर है। दमकल विभाग के साथ इनका आपसी अनुबंध है कि जरूरत अनुसार वे एक-दूसरे की सहायता करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई बनने वाली हाईराईज बिल्डिंगों में आगजनी से निपटने के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड के तहत फायर सेफ्टी उपकरणों की व्यवस्था करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग नियमित रूप से हर तीन माह में ड्रिल आयोजित करता रहता है।
बैठक में एडिशनल डिवीजनल फायर ऑफिसर ईशम सिंह कश्यप, फायर स्टेशन ऑफिसर पंकज पाराशर, नरेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, सुखबीर सिंह, महेन्द्र सिंह, रमेश कुमार, ललित कुमार, सत्यवान सामरीवाल, आईटी कंसलटैंट विनोद कुमार उपस्थित थे।

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