हरियाणा सरकार को अपना विदेश विभाग स्थापित करने की क्यों है जरूरत ?

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चंडीगढ़ :  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य में निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ स्थापित करने की घोषणा की है।  मनोहर लाल ने यह घोषणा आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में 39 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा राज्य दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि स्थापित किए जाने वाला विदेश सहयोग विभाग हरियाणा में विदेशी निवेशकों व विदेशों में निवेश करने वाले हरियाणा के निवेशकों को प्रत्येक दृष्टि से सहयोग करेगा। विदेश सहयोग विभाग विशेषकर कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किए जाने की दिशा में कार्य करेगा और इससे हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। अप्रवासी भारतीयों को भी विदेश सहयोग विभाग सहयोग व सहायता करेगा।

मुख्यमंत्री ने 39 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा मंडप की विषयवस्तु (थीम) ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान में हरियाणा राज्य उद्यमियों के लिए अवसरों की धरती बन चुकी है। उनहोंने हरियाणा राज्य दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किए जाने पर हरियाणा के कला एवं संस्कृति विभाग की प्रशंसा की और विभाग के लिए मौके पर ही 05 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत की अर्थव्यवस्था को विकसित कर वर्ष 2024 तक 3 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के समूह देशों में शामिल करना है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार का लक्ष्य भी हरियाणा की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक दोगुणा कर 5 लाख करोड़ रूपये तक विकसित करने का है।

उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ की दृष्टि से वर्ष 2014 में हरियाणा का देश में 14 वां स्थान था। हरियाणा सरकार की उदार एवं उद्यम अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप ही ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ की दृष्टि से वर्तमान में हरियाणा का देश में तृतीय व उत्तर भारतीय राज्यों में प्रथम स्थान है और ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ की दृष्टि से हरियाणा को देश में वर्ष 2020 तक प्रथम स्थान के राज्य के रूप में स्थापित किए जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अनुशंसित ‘बिजनेस रिफार्म एक्शन प्वाइंट’ के सभी 369 सुधार बिंदुओं को हरियाणा में क्रियान्वित किया गया है। सुधार बिंदुओं में सभी व्यावसायिक स्वीकृतियां ऑनलाइन सिंगल विंडो साल्यूशन www.investharyana.in के माध्यम से 45 दिनों की समयावधि में प्रदान करने, स्वीकृति न होने की स्थिति में निश्चित समयावधि के बाद डीम्ड स्वीकृति प्रदान करना, आवेदन केवल ऑनलाइन करना, सेवा वितरण में सुधार के लिए निवेशकों के फीडबैक हेतु ‘न्यू रेपिड असैसमेंट सिस्टम’ प्रारंभ करना, सभी औद्योगिक प्लाटों की भवन योजना अनुमोदन हेतु स्वप्रमाणीकरण जैसी अनेक सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।

उन्होंने सरस्वती नदी का जिक्र करते हुए हरियाणा को प्राचीन आर्यकाल की वेदों की रचना स्थली बताया और कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार भारत में खोजे गए लगभग 3500 पुरातात्त्विक स्थलों में से 1500 पुरातात्त्विक स्थल हरियाणा में पाए गए हैं। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परंपराएं रही हैं। हरियाणा की धरती गीता के पवित्र ज्ञान की उद्गमस्थली है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हरियाणा मंडप का दौरा कर अवलोकन किया। ‘कर्मशीलता व अवसरों की भूमि’ हरियाणा प्रदेश का मंडप आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र है। इस दौरान हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण की मुख्य प्रशासक व फरीदाबाद की मंडलायुक डॉ जी अनुपमा, रेवाड़ी के उपायुक्त व कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक व अतिरिक्त सचिव श्री यशेंद्र सिंह व प्राधिकरण के महाप्रबंधक श्री अनिल चौधरी मौजूद रहे।

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