2030 तक विज्ञान व प्रौद्योगिकी में भारत को दुनिया के तीन शीर्ष देशों में ला खड़ा करने का लक्ष्य : डॉ हर्षवर्धन

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कोलकाता । केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) जैसे आयोजन विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को आम लोगों तक पहुंचाकर उन्हें जागरूक बनाने का एक बेहतरीन अवसर है। आज कोलकाता में महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व की वजह से कोलकाता पूरे देश के लिए एक गर्व का स्थान है। इस शहर का संबंध डॉ. सी.वी.रमन, आचार्य जगदीश चंद्र बोस, डॉ. मेघनाद शाह और डॉ. सत्येन्द्र नाथ बोस जैसे महान वैज्ञानिकों से जुड़ा रहा है।

महोत्सव के आयोजन के लिए विज्ञान प्रयोगशाला के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और निदेशकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि बीते समय के महान वैज्ञानिकों ने अपने कार्यों से पूरे देश के लिए महान उपलब्धियां हासिल की हैं। अब वर्तमान पीढ़ी को आम लोगों के लिए विज्ञान औऱ प्रौद्योगिकी का महत्व समझाने की जिम्मेदारी अब आज की वैज्ञानिक बिरादरी पर है। डॉ. हर्षवर्धन ने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों और विशेषकर बच्चों के दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए उन तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की पहुँच बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने से अवसरों से भरे एक राष्ट्र का निर्माण करने में मदद मिलेगी और साथ ही देश का ज्ञान आधारित विकास संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आईआईएसएफ के पांचवे संस्करण का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करने जा रहे हैं। इससे लोगों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में व्यापक जानकारी हासिल करने के लिए इस मंच का इस्तेमाल करने की प्रेरणा मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ऐसे अवसरों का देश है जहां उच्च शिक्षा और अनुसंधान तथा लोगों के विकास और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में वैज्ञानिकों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि विज्ञान महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक बिरादरी की भागीदारी भारत और उसकी प्रगति को नई ऊंचाईयों तक ले जाने वाली है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को विज्ञान आधारित विकास के दायरे में लाने से देश की प्रगति में एक नया आयाम जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 2030 तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को दुनिया के तीन शीर्ष देशों में ला खड़ा करने की प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि देश में वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी विकास तेज गति से हो रहे हैं और विज्ञान महोत्‍सव विज्ञान के प्रति देश के युवाओं के जुनून में और अधिक ऊर्जा और ताकत जोड़ने का एक प्रयास है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों की भागीदारी तथा इसे देखने आने वाले लोगों में भारी उत्साह विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों के बारे में काफी कुछ कहता है।

विज्ञान महोत्सव उद्घाटन अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।

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