एसजीटी यूनिवर्सिटी व ‘द वेदर कंपनी’ ने ओपन डेटा वेदर लैब की घोषणा की

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एकेडेमिक रिसर्च एवं मौसम संबंधी जानकारी जुटाने में मिलेगी मदद

गुरुग्राम । शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाली तथा देश की यूनिवर्सिटीज में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली एसजीटी यूनिवर्सिटी तथा ‘द वेदर कंपनी’ (आईबीएम बिजनेस, एनवाईएसईः आईबीएम) ने आज ‘ओपन डेटा वेदर लैब’ खोलने की घोषणा की। यह लैब एकेडेमिक रिसर्च तथा मौसम संबंधी जानकारी के मामले में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर मौसम का प्रभाव पड़ता है और इसे बिजनेस पर पड़ने वाला सबसे बड़ा आंतरिक कारक भी माना जाता है। इसके बावजूद कई समुदायों, बिजनेस तथा रिसर्च संस्थानों के पास ऐसे उपकरण नहीं हैं जिनसे वे मौसम संबंधी घटनाओं की जानकारी जुटा सकें तथा उन पर प्रतिक्रिया दे सकें। एसजीटी यूनिवर्सिटी का उद्देश्य द वेदर कंपनी (आईबीएम बिजनेस) द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम संबंधी आँकड़ों का उपयोग इस तरह करना है जिससे कृषि, इंजीनियरिंग, फार्मस्यूटिकल, हेल्थकेयर समेत तमाम अन्य क्षेत्रों पर मौसम के पड़ने वाले प्रभावों पर रिसर्च कार्य किए जा सकें। इससे छात्रों, अध्यापकों, स्टार्टअप कंपनियों तथा कारपोरेट सेक्टर को रिसर्च के लिए एक अच्छा मंच मिल सकेगा।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए एसजीटी यूनिवर्सिटी के सीईओ प्रो. रिजवान मुसन्ना ने कहा कि अंतर विभागीय विषयों को ध्यान में रखते हुए मौसम तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विचार करना आज समय की जरूरत है। ओपन डेटा वेदर लैब के तहत हम एकेडेमिक प्रयासों से ऐसे मुद्दों को उठाएंगे, जरूरत के हिसाब से आँकड़े संग्रह करेंगे तथा उसे रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध कराएंगे। आईबीएम के मार्गदर्शन में प्राइवेट तथा पब्लिक सेक्टर में उद्योग आधारित रिसर्च कार्य के लिए डेटा वैज्ञानिकों को भी हम आमंत्रित करना चाहते हैं।

द वेदर कंपनी (आईबीएम बिजनेस) के इंडिया बिजनेस लीडर  हिमांशु गोयल ने कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के प्रस्तावक के रूप में हम इंडस्ट्री तथा एकेडेमी के बीच अच्छे समन्वय के पक्षधर हैं ताकि मौसम के प्रभावों के अनुकूल बिजनेस और समाज तैयार करने में मदद मिल सके। श्री गोयल ने कहा कि ओपन डेटा वेदर लैब के माध्यम से हम एसजीटी यूनिवर्सिटी की भी मदद कर सकते हैं जिससे वह रिसर्च के क्षेत्र में नई तरह की पहल करे तथा मौसम से जुड़े विषयों पर डिजिटल तथा संज्ञानात्मक क्षमताओं के साथ कार्य करे। इसमें आईबीएम क्लाउड, मशीन लर्निंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टेक्नोलॉजी की भी मदद मिल सकती है।

ओपन डेटा वेदर लैब की घोषणा एसजीटी यूनिवर्सिटी के सीईओ प्रो. रिजवान मुसन्ना तथा द वेदर कंपनी के डायरेक्टर, साइंस एंड फोरकास्ट |ऑपरेशन्स एंड पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स, डॉ. केविन पेटी ने एसजीटी यूनिवर्सिटी के छात्रों और अध्यापकों की उपस्थिति में की।

एसजीटी यूनिवर्सिटी का उद्देश्य

एसजीटी यूनिवर्सिटी शैक्षणिक नेतृत्व के मानकों के अनुसार निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यह यूनिवर्सिटी नेक्स्ट जनरेशन के लिए लीडर्स को तैयार कर उन्हें पोषित करने का भी दायित्व निभा रही है। मौजूदा स्किल गैप को समाप्त कर युवा छात्रों के विकास का पथ प्रशस्त कर रही है एसजीटी यूनिवर्सिटी। शानदार एकेडेमिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूनिवर्सिटी में कई वैश्विक विशिष्ट केंद्र, प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-एकेडेमिया एसोसिएशन स्थापित किए गए हैं। हमारा मानना है कि आज वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए नवोन्मेष यानी नई खोज जरूरी है क्योंकि आर्थिक, सामाजिक तथा वैश्विक विकास में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय प्रतिस्पर्द्धा के लिए भी नवोन्मेष जरूरी है। एसजीटी यूनिवर्सिटी का यह भी उद्देश्य है कि हम चुनौतियों का नई खोज और निरंतर विकास के जरिए समाधान ढूढ़े जिससे सर्वाधिक लाभ समाज तथा नागरिकों को मिले तथा पर्यावरण की भी रक्षा हो सके। यह यूनिवर्सिटी इस मामले में एक नई भूमिका निभाना चाहती है। हम क्षेत्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण पर बल देना चाहते हैं और इसके लिए अधिक दक्षता वाले ग्रेजुएट तैयार करने, उद्यमशीलता को सुविधाजनक बनाने तथा ज्ञान के विस्तार पर बल देते हैं।

द वेदर कंपनी (आईबीएम बिजनेस) के बारे में
द वेदर कंपनी (आईबीएम बिजनेस) मौसम के आँकड़ों के सटीक अनुमान के साथ एडवांस्ड एआई तथा क्लाउड कैपेसिटीज को एक साथ लाती है। इस शक्तितशाली संयोजन से दुनियाभर के लोगों, बिजनेस, समुदायों को लाभ मिलता है। कंपनी वैश्विक स्तर पर सही मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी उपलब्ध कराती है। वेदर कंपनी विश्वास और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। इस वजह से द वेदर चैनल ऐप, वेदर अंडरग्राउंड, वेदर डॉट कॉम द्वारा सही और समय से पूर्वानुमान (मौसम का) प्रदान करने पर करोड़ों लोगों ने विश्वास जताया है क्योंकि इन पूर्वानुमान जानकारियों से उन्हें निश्चय ही लाभ मिलता है।

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