जापान का इंवेस्टमेंट्स और भारत का टैलेंट दो देशों की दोस्ती की मजबूती का राज : नरेंद्र मोदी

Font Size

कोबे /जापान : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के कोबे स्थित ह्योगे हाउस में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि न्यू इंडिया New India की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिला ये आदेश पूरे विश्व के साथ हमारे संबंधों को भी नई ऊर्जा देगा। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के जिस मंत्र पर हम चल रहे हैं, वो भारत पर दुनिया के विश्वास को भी मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि जब दुनिया के साथ भारत के रिश्तों की बात आती है तो जापान का उसमें एक अहम स्थान है। ये रिश्ते आज के नहीं हैं, बल्कि सदियों के हैं। इनके मूल में आत्मीयता है, सद्भावना है, एक दूसरे की संस्कृति और सभ्यता के लिए सम्मान है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बोलचाल के भी कुछ सूत्र हैं जो हमें जोड़ते हैं। जिसे भारत में ध्यानकहा जाता है, उसे जापान में ‘Zen’ कहा जाता है। और जिसे भारत में सेवाकहा जाता है, उसे जापान में भी सेवाकहा जाता है. लगभग 2 दशक पहले, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और प्रधानमंत्री योशिरो मोरी जी ने मिलकर हमारे रिश्तों को Global Partnership का रूप दिया था। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, मुझे मेरे मित्र प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे के साथ मिलकर इस दोस्ती को मजबूत करने का मौका मिला.

 

मोदी ने कहा कि दिल्ली के अलावा अहमदाबाद और वाराणसी प्रधानमंत्री आबे को ले जाने का सौभाग्य मुझे मिला। प्रधानमंत्री आबे मेरे संसदीय क्षेत्र और दुनिया की सबसे पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी में से एक काशी में गंगा आरती में शामिल हुए। उनकी ये तस्वीरें भी हर भारतीय के मन में बस गई हैं.

 उनका कहना था कि एक समय था जब हम कार बनाने में सहयोग कर रहे थे और आज हम बुलेट ट्रेन बनाने में सहयोग कर रहे हैं। आज भारत का ऐसा कोई भाग नहीं है जहां जापान के प्रोजेक्ट्स या इंवेस्टमेंट्स ने अपनी छाप न छोड़ी हो। इसी प्रकार भारत का Talent और मैनपावर जापान को मजबूत करने में योगदान दे रहा है.

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री के रूप में यह मेरी जापान की चौथी यात्रा है। यात्राओं में जापान में भारत के प्रति एक आत्मीयता, एक अपनापन अनुभव किया। अपनी सभ्यता और अपने मूल्यों पर गर्व करना, Talent और Technology को राष्ट्रनिर्माण का हिस्सा बनाना, ये मैंने जापान में प्रत्यक्ष अनुभव किया है:

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: