“मंत्री की हठधर्मिता से एनएचएम मामला उलझा”

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अनिश्चितकालीन हड़ताल 12 वें दिन में प्रवेश

कर्मचारी नेता व स्वास्थ्य मंत्री की बातचीत बेनतीजा

गुरूग्राम : शनिवार को एनएचएम एम्प्लाई एसोसियशन हरियाणा की केन्द्रीय कमेटी के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 12वें दिन में प्रवेश कर गई .सरकार की हठधर्मिता व दमनकारी नीतियों में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया है । केन्द्रीय कमेटी के नेताओं के साथ स्वास्थ्य मंत्री के साथ 40 मिनट की बातचीत बेनतीजा रही . मंत्री  समस्या का समाधान करना ही नही चाहते जो कि उनकी शर्तों में दिखाई देता है कि पहले अपनी हड़ताल वापस लो उसके बाद सरकार माँगों पर विचार करेगी ।

 

सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा जिला गुरूग्राम के जिला सचिव संजय सैनी व ब्लाॅक सचिव श्रीभगवान यादव ने संयुक्त बयान में कहा है कि अगर सरकार 12 नवम्बर तक एनएचएम के कर्मचारियों की माँगों का कोई समाधान बातचीत के माध्यम से नहीं निकालती है तो सर्वकर्मचारी संघ पूरे प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों के साथ मिलकर 13 नवम्बर को विशाल रैली को आयोजन करेगा तथा आगे की रणनीति व दिशा तय की जाएगी ।

स्वास्थ्य मंत्री को नही जानकारी या बोल रहे झूठ : 

अखबारों में आए स्वास्थ्य मंत्री  के बयान जिसमें उन्होंने कहा कि ‘एनएचएम के कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता ’’ पर जिला प्रधान हरि राज ने कहा कि या तो स्वास्थ्य मंत्री  को जानकारी नहीं या वो जानबूझकर झूूठ बोल रहे है । स्वास्थ्य राज्य का विषय है और यह पूरी तरह राज्य सरकार पर निर्भर करता है कि किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति नियमित करनी है या अनुबंध पर करनी है । केन्द्र सरकार केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है ।

 

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि यदि सरकार सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करसकती है तथा उन्हें समान काम समान वेतन दे सकती है तो एनएचएम के कर्मचारियों को क्यों नहीं क्योंकि सर्व शिक्षा अभियान भी एनएचएम की तरह केन्द्र की योजना है ।

 
इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के उस बयान को भी हास्यापद बताया जिसमें उन्होंने कहा कि ‘ एनएचएम कर्मियों ने नियुक्ति के समय हलफनामा दिया था जिसके अनुसार कर्मचारी नियमितीकरण की माँग नहीं करगें’ उन्होंने कहा कि यदि एनएचएम कर्मचारियों ने हलफनामें का उल्रघन किया तो हरियाणा सरकार ने भी सर्वोच्च न्यायालय के समान काम समान वेतन वाले फैसले का उलंघन करके सर्वोच्च न्यायालय का अपमान किया है जिसके लिए उन्हें माफी माँगनी चाहिए क्या हरियाणा सरकार अपने आप को सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर समझती है ।

 
इसके अतिरिक्त बैठक को सर्वकर्मचारी संघ के पदाधिकारियों व अन्य विभागीय संगठनों के नताओ ने भी सम्बोधित किया जिसमें खजान सिंह यादव, सुशील शर्मा, रामनिवास ठाकरान, राजेन्द्र सरोहा व अन्य नेता भी शामिल है ।

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