नवम्‍बर, 2018 में औद्योगिक विकास दर 0.5 प्रतिशत रही

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नई दिल्ली : में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 126.4 अंक रहा, जो नवम्‍बर, 2017 के मुकाबले 0.5 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि नवम्‍बर, 2018 में औद्योगिक विकास दर 0.5 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-नवम्‍बर, 2018 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.0 फीसदी आंकी गई है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्‍वयन मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा नवम्‍बर, 2018 के लिए जारी किये गये औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक के त्‍वरित आकलन (आधार वर्ष 2011-12=100) से उपर्युक्‍त जानकारी मिली है। 14 स्रोत एजेंसियों से प्राप्‍त आंकड़ों के आधार पर आईआईपी का आकलन किया जाता है। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उर्वरक विभाग भी इन एजेंसियों में शामिल हैं।

नवम्‍बर, 2018 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर नवम्‍बर, 2017 के मुकाबले क्रमश: 2.7 फीसदी, (-) 0.4 फीसदी तथा 5.1 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-नवम्‍बर 2018 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 3.7, 5.0 तथा 6.6 फीसदी आंकी गई है।

उद्योगों की दृष्टि से विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों (दो अंकों वाली एनआईसी-2018 के अनुसार) में से 10 समूहों ने नवम्‍बर, 2017 की तुलना में नवम्‍बर, 2018 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इस दौरान ‘पहनने वाले परिधान के विनिर्माण’ ने 22.1 प्रतिशत की सर्वाधिक धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद ‘फर्नीचर को छोड़कर काष्ठ और कॉर्क एवं काष्ठ उत्पादों के विनिर्माण’ का नम्‍बर आता है जिसने 7.6 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह ‘अन्‍य परिवहन उपकरणों के विनिर्माण’ ने 7.4 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। वहीं, दूसरी ओर ‘मशीनरी एवं उपकरणों को छोड़कर गढ़े धातु उत्पादों के विनिर्माण’ ने (-) 13.4 प्रतिशत की सर्वाधिक ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद ‘विद्युत उपकरणों के विनिर्माण’ का नम्‍बर आता है जिन्‍होंने (-) 9.6 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह ‘अन्‍य विनिर्माण’ ने (-) 7.3 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार नवम्‍बर, 2018 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स), पूंजीगत सामान, मध्‍यवर्ती वस्‍तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर नवम्‍बर 2017 की तुलना में क्रमश: 3.2 फीसदी, (-) 3.4 फीसदी, (-) 4.5 फीसदी और 5.0 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर नवम्‍बर, 2018 में (-) 0.9 फीसदी रही है। वहीं, दूसरी ओर गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर नवम्‍बर, 2018 में (-) 0.6 फीसदी रही।

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