फरीदाबाद में अमूल मिल्क प्लांट में दूध चोरी का पर्दाफ़ाश : प्लांट का एलएमपी हेड चोरी में शामिल

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क्राइम ब्रांच सेक्टर 44 ने किया नौ आरोपी गिरफ्तार

आरोपियों से 80 लाख की नगदी बरामद

फरीदाबाद, (धर्मेन्द्र यादव ) : फरीदाबाद क्राइम ब्रांच सेक्टर 44 ने अमूल दूध की चोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफ़ाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है . पुलिस ने उनसे चोरी के बेचे गए दूध के 80 लाख रूपये भी बरामद किये है. पकडे गए आरोपियों में अमूल मिल्क प्लांट का एलएमपी हेड अमृत चौधरी भी शामिल है जो इस चोरी और घपले का मास्टर माइंड था। पकडे गए नौ आरोपियों में तीन आरोपी बाहर के हैं जबकि बाकी सभी मिल्क प्लांट के कर्मचारी हैं.

बताया जाता है की यह आरोपी प्लांट में आने वाले दूध के टैंकर को खाली किये बिना वापिस बाहर ले जाते थे और फिर उसे कम दाम पर बेच देते थे. एक टैंकर में करीब 20 हजार लीटर दूध होता था जिसकी कीमत करीब नौ लाख रूपये बतायी जा रही है और अब तक यह शातिर 15 टैंकर दूध का घपला कर चुके है और अमूल मिल्क प्लांट को करीब सवा करोड़ रूपये का चूना लगा चुके है. फिलहाल क्राइम ब्रांच ने सात आरोपियों को जेल भेज दिया है। दो आरोपियों से पूछताछ जारी है.

दोनों आरोपी पालमपुर गुजरात के रहने वाले है और फरीदाबाद स्थित अमूल मिल्क प्लांट में नौकरी करते है. वहीँ टेबल पर बरामद किये गए 80 लाख की करंसी इस बात की गवाह है की क्राइम ब्रांच ने इस केस का पर्दाफाश करने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है. ख़ास बात यह है की इस चोरी और हेराफेरी का पता मिल्क प्लांट को भी नहीं चला था. क्राइम ब्रांच इंचार्ज जितेंद्र यादव ने खुलासा करते हुए बताया की उन्हें सूचना मिली थी की कैली गाँव बाईपास रोड के पास अवैध रूप से अमूल दूध के टैंकर खाली किये जाते है जिस पर उन्होंने रेड मारकर टैंकर समेत ड्राइवर महेश को गिरफ्तार किया जिससे पूछताछ करने के बाद पूरे घपले का खुलासा हो गया.

जिस पर काम करते हुए उन्होंने प्लांट के हेड अमृत चौधरी समेत नौ लोगो को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक नरेंद्र नाम का आरोपी अभी भी फरार चल रहा है.

क्राइम ब्रांच सेक्टर 44 बाइट इंचार्ज, जितेंद्र यादव ने बताया की ट्रैन द्वारा गुजरात के बनास काँटा डेयरी से यह दूध फरीदाबाद के भगौला स्थित चिलिंग प्लांट में आता है जहाँ से टैंकर द्वारा यह दूध अमूल मिल्क प्लांट में जाता है. लेकिन मिलीभगत के चलते जब टैंकर प्लांट में आता है तो उसकी एन्ट्री करवाकर दूध का सैम्पल भी दिया जाता है लेकिन वास्तव में यह टैंकर खाली नहीं किया जाता था और दूध से भरा टैंकर ही बाहर आ जाता था.

बाद में ड्राइवर महेश और बाहर के लोग जीतू और हारीफ इस दूध को कम दामों में बेच देते थे और फिर पैसे की बंदरबांट कर ली जाती थी. इंचार्ज ने बताया की इस घपले का मास्टर माइंड प्लांट के एलएमपी हेड अमृत चौधरी था जिसने प्लांट में टैंकरों का काँटा करने वाले अशोक को अपने साथ मिलाया और अशोक ने बाकी कर्मचारियों को लालच देकर अपने साथ मिला लिया।

उन्होंने बताया की बीती जुलाई से लेकर अब तक यह लोग 15 टैंकर दूध हेराफेरी करके बाहर बेच चुके है. जिसकी कीमत करीब सवा करोड़ रूपये है। उन्होंने बताया की पकडे गए नौ आरोपियों में से सात आरोपी जेल भेजे जा चुके है जबकि नरेंद्र नाम का एक आरोपी फरार चल रहा है. क्राइम ब्रांच इंचार्ज का कहना था की अब तक इन आरोपियों से 80 लाख की नगदी बरामद की जा चुकी है. ख़ास बात यह है की इतने बड़े घपले की भनक प्लांट वालो को भी नहीं लगी थी.

इस प्लांट में काम करने वाले पालमपुर गुजरात के रहने वाले आरोपी शैलेश ने बताया की उन्हें पैसे का लालच देकर प्लांट के काँटा इंचार्ज अशोक ने अपने साथ मिलाया था और उन्हें दस हजार रूपये प्रति टैंकर दिया जाता था. पकडे जाने के बाद अब आरोपी कर्मचारी पछ्ता रहा है.

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