केरल के ज्‍योतिषी की भविष्‍यवाणी: एमपी में भाजपा बदलेगी अगला सीएम, राजस्‍थान में गठबंधन सरकार!

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नई दिल्ली। एग्जिट पोल्‍स के अनुमानों से उत्‍साहित कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान में चुनाव परिणाम आने से पहले ही जीत की बधाई के पोस्‍टर लगा रहे हैं। बात कार्यकर्ता और स्‍थानीय नेताओं तक सीमित नहीं है कांग्रेस के टॉप लेवल के नेताओं ने सीएम और डिप्‍टी सीएम पद के लिए नामों पर चर्चा कर शुरू कर दी है। इस बीच केरल की श्री विद्या के प्रख्‍यात ज्‍योतिषी की भविष्‍यवाणी सामने आई है।

इनका नाम है- माधव नंबुगिरी, जो 2014 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की प्रचंड जीत की सटीक भविष्‍यवाणी कर चुके हैं। राजस्‍थान पत्रिका के साथ बातचीत में माधव नंबुगिरी ने न केवल छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान के बारे में हैरान करने वाली भविष्‍यवाणी बल्कि 2019 लोकसभा चुनाव के परिणाम के बारे में भी अपनी राय व्‍यक्‍त की है। माधव नंबुगिरी की यह भविष्‍यवाणी कांग्रेसी नेत अशोक गहलोत, सचिन पायलट, कमलनाथ ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, भूपेश और भाजपा के तीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और वसुंधरा राजे सिंधिया के भविष्‍य से सीधे तौर पर जुड़ी है।

मध्‍य प्रदेश के बारे में माधव नंबुगिरी की भविष्‍यवाणी यह है कि यहां पर भाजपा सत्‍ता में वापसी कर लेगी। उसे पूर्ण बहुमत भी मिल जाएगा, लेकिन शिवराज सिंह चौहान इस बार एमपी के सीएम पद की शपथ नहीं लेंगे। मतलब इस बार भाजपा आला कमान किसी नए चेहरे को मुख्‍यमंत्री पद की जिम्‍मेदारी सौंपेगी।

केरल के श्री विद्या ज्‍योतिष शास्‍त्र पर पकड़ रखने का दावा करने वाले माधव नंबुगिरी ने राजस्‍थान के बारे में भविष्‍यवाणी की है कि यहां कांग्रेस सरकार नहीं बना पाएगी। ज्‍यादातर एग्जिट पोल्‍स के अनुमान में राजस्‍थान में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत की बात कही गई है, लेकिन माधव नंबुगिरी ऐसा नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि राजस्‍थान में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। अन्‍य दलों के सहयोग से यहां भाजपा सरकार बनाने में सफल रहेगी।

माधव नंबुगिरी ने छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के बारे में भी भविष्‍यवाणी की है। इनके हिसाब से यहां रमन सिंह की सरकार जाने वाली है और राज्‍य में कांग्रेस सत्‍ता की कमान संभालेगी।माधव नंबुगिरी ने 2019 लोकसभा चुनाव के बारे में अपने गणित के हिसाब से दावा किया है कि नरेंद्र मोदी अगले बार भी प्रधानमंत्री चुनकर आएंगे और पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्‍ता संभालेंगे।

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