ट्राई के निर्देश पर सेवा प्रदाताओं ने स्पैमिंग के लिए 50 संस्थाओं को काली सूची में डाला

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नई दिल्ली :  वर्ष 2024 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के खिलाफ 7.9 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज होने को देखते हुए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पाया है कि स्पैम कॉल में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

ट्राई ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए 13 अगस्त 2024 को सभी सेवा प्रदाताओं को कड़े निर्देश जारी किए। इसने सेवा प्रदाताओं को एसआईपी, पीआरआई या अन्य दूरसंचार संसाधनों का उपयोग करने वाले अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स की ओर से होने वाले प्रमोशनल वॉयस कॉल को तुरंत रोकने का आदेश दिया है। इन संसाधनों का दुरुपयोग करते पाए जाने वाले किसी भी यूटीएम को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिनमें दो साल के लिए सभी दूरसंचार संसाधनों का कनेक्शन काटना और काली सूची में डाला जाना शामिल है।

इन निर्देशों के परिणामस्वरूप, सेवा प्रदाताओं ने स्पैमिंग के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और 50 से अधिक संस्थाओं को काली सूची में डाला है तथा 2.75 लाख से अधिक एसआईपी डीआईडी/मोबाइल नंबर/दूरसंचार संसाधनों का कनेक्‍शन काट दिया है। इन कदमों से स्पैम कॉल में कमी आने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की आशा है। ट्राई सभी हितधारकों से निर्देशों का पालन करने तथा स्वच्छ और अधिक दक्ष दूरसंचार इकोसिस्‍टम में योगदान देने का आग्रह करता है।

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