मोदी सरकार ने आयकर शिकायत जांच संस्था में ताला ठोंकने का निर्णय लिया

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आयकर शिकायत जांच संस्था और अप्रत्यक्ष कर शिकायत जांच संस्था को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है।

यह मंजूरी लोगों द्वारा शिकायत दूर करने की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था के को चुनने के संदर्भ में दी गई है। वर्तमान में उपलब्‍ध शिकायत दूर करने की व्‍यवस्‍था, शिकायत जांच संस्‍था से अधिक प्रभावी है। आयकर शिकायत जांच संस्था और अप्रत्यक्ष कर शिकायत जांच संस्था को समाप्‍त कर दिया गया है।

पृष्‍ठभूमि

आयकर शिकायत जांच संस्‍था की स्‍थापना 2003 में आयकर शिकायतों को सुलझाने के उद्देश्‍य से की गई थी। लेकिन यह संस्‍था अपने उद्देश्‍यों को पूरा करने में असफल रही। नये शिकायतों की संख्‍या कम होकर एक अंक में रह गई। इसके अतिरिक्‍त आयकर प्रदाता शिकायत दूर करने के लिए वैकल्पिक प्रक्रियाओं को अपनाने लगे, जैसे सीपीजीआरएएमएस (केन्‍द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली), आयकर सेवा केन्‍द्र आदि। 2011 में यह निर्णय लिया गया था कि अप्रत्‍यक्ष शिकायत जांच संस्‍था के खाली कार्यालयों को बंद कर दिया जाए।

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