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रेलवे स्‍टेशनों का पुनर्विकास

नई दिल्ली ।।भारतीय रेल ने ए-1 और श्रेणी के रेलवे स्‍टेशनों के जैसा है जहां है के आधार पर पुनर्विकास करने की योजना के लिए विज्ञापन दिया है। विज्ञापन के जरिए रेलवे ने इच्‍छुक पार्टियों से खुली निविदा आमंत्रित की है। इस योजना के तहत रेलवे स्‍टेशनों का पुनर्विकास करते समय स्‍टेशनों के आसपास की जमीन और ऊपरी क्षेत्र को उसकी व्‍यावसायिक उपयोगिता के आधार पर विकसित करना होगा। पहले चरण के तहत क्षेत्रीय रेलवे की ओर से शुरुआती स्‍तर पर 23 रेलवे स्‍टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मंगाई गई है जिनमें से अब तक दो स्‍टेशनों, उत्तर रेलवे के जम्‍मू तवी स्‍टेशन और दक्षिण रेलवे के कोझिकोड स्‍टेशन के लिए निविदा प्राप्‍त हुई है जिनका मूल्‍यांकन किया जा रहा।

भारतीय रेलवे स्‍टेशन विकास निगम लि‍मिटेड को आनंद विहार, बिजवासन, चंडीगढ़, गांधी नगर, हबीबगंज और सूरत रेलवे स्‍टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मांगाने का जिम्‍मा सौंपा गया है। निगम अब तक सूरत स्‍टेशन, आनंद विहार, बिजवासन और चंडीगढ़ रेलवे स्‍टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मंगा चुका है।

रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड ने तिरुपति, दिल्‍ली, सराय रोहिल्‍ला, नैल्‍लोर, मडगांव, चारबाग, गोमती नगर, कोटा, थाणे न्‍यू, एर्नाकुलम जंक्‍शन, पुडुचेरी रेलवे स्‍टेशनों के पुनर्विकास के लिए करार किया है। इन स्‍टेशनों के विकास का काम विदेशी कंपनियों को दिया गया है। ऐसे में इसमें स्‍वेदशी कंपनियों की अनदेखी किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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