एमएसएमई बिजनेस समिट में भविष्य की योजनाओं, बिजनेस को बढ़ाने पर हुआ मंथन

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-राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की ओर से किया गया आयोजन


-समापन अवसर पर अतिथियों ने व्यापार बढ़ाने के दिए टिप्स


गुरुग्राम। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की ओर से यहां लीला होटल में आयोजित हरियाणा राज्य स्तरीय आत्मनिर्भर भारत एमएसएमई बिजनेस समिट में भविष्य की योजनाओं और बिजनेस, व्यापार को आगे बढ़ाने पर विशेष सत्रों में चर्चा की गई। अतिथियों ने लघु उद्योगों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस दौरान गुरुग्राम यातायात पुलिस की ओर से साइबर अपराध के प्रति भी व्यापारियों, उद्योगपतियों को जागरुक किया गया।
मुख्य अतिथि गुरुग्राम के मंडलायुक्त आर.सी. बिढान ने कहा कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए हमें अपने नियमित कार्यों के साथ संस्कारों को भी तवज्जो देनी चाहिए। संस्कार हमारे अच्छे होंगें तो हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगें। आज हमारा समाज संस्कारविहीन हो रहा है। किसी भी फील्ड में बेहतरी से काम करने के लिए संस्कारित होना पहली सीढ़ी है। ऐसे ही आर्थिक व व्यवसायिक दृष्टिकोरण से खुद को मजबूत बनाया जा सकता है। मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि उद्योगों को रिसर्च पर भी काम करना चाहिए। समय के साथ खुद को अपडेट भी करें। एक ही ढर्रे पर काम करने से काम नहीं चलने वाला। उन्होंने उद्योगपतियों को गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उद्योग चाहे छोटा हो या बड़ा, वहां पर बनाये जाने वाले उत्पाद बेहतर से भी बेहतर हों, ऐसे ही उत्पाद बनाए जाएं।


विशिष्ट अतिथि डीसीपी यातायात गुरुग्राम राजेश मोहन ने कहा कि आज का युग डिजिटल क्रांति का युग है। हमारे व्यवसाय, बैंकिंग, मार्केटिंग और संवाद सब इंटरनेट आधारित हो चुके हैं। जैसे-जैसे हमारी निर्भरता डिजिटल माध्यमों से बढ़ी है, साइबर अपराधों का खतरा भी उतनी ही तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध सडक़ों पर होते थे, अब लैपटॉप और मोबाइल की स्क्रीन पर होते हैं। चोर अब घर की दीवार नहीं तोड़ते, आपके मोबाइल, लैपटॉप का पासवर्ड तोड़ते हैं। साइबर अपराधों के नए रूपों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज साइबर अपराध के अनेक रूप सामने आ रहे हैं, जिसमें फिशिङ्क्षग ईमेल, फर्जी वेबसाइट्स, क्यू आर कोड और केवाईसी के नाम पर ठगी, फर्जी निवेश योजनाएं, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग हैं। अब तो एआई जनरेटिड डीफेक वीडियो का खतरा भी बढ़ गया है। इन अपराधों का असर सिर्फ व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवसायों की विश्वसनीयता, एमएसएमई की प्रतिष्ठा और ग्राहकों का विश्वास भी प्रभावित होता है। पुलिस की भूमिका और प्रयास को लेकर उन्होंने कहा कि गुरुग्राम पुलिस अपराध पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं। साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से तुरंत सहायता की व्यवस्था की है। साइबर पुलिस स्टेशन गुरुग्राम में 24गुणा 7 प्रशिक्षित टीमें कार्यरत हैं।

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इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (ईईपीसी) से राकेश सूरज ने कहा कि ईईपीसी इंडिया विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। सरकार को नीति पर सलाह देना, प्रौद्योगिकी उन्नयन में सहायता करना और व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन करना मुख्य कार्य हैं। यह अनेक लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों (एसएमई) सहित बड़ी संख्या में सदस्य कंपनियों को व्यापार वित्त जैसे क्षेत्रों में सूचना, मार्गदर्शन और विश्वसनीयता प्रदान करके सेवा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश व्यापार नीति के तहत निर्यातकों के लिए यह एक अनिवार्य आवश्यकता है। यह प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) या कमोडिटी बोर्डों द्वारा जारी किया जाता है। बैंकिंग सेक्टर के बारे में जागरुक करते हुए शेखर सिह ने कहा कि एमएसएमई के लिए बैंकों की ओर से बहुत सुविधाएं दी जा रही हैं। इन सुविधाओं का हमें लाभ उठाना चाहिए। ऋण लेकर हमें अपने व्यापार, अपने प्रतिष्ठान को प्रगति पर ले जा सकते हैं।


राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अशोक बुवानीवाला, प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग, प्रदेश महासचिव पवन अग्रवाल समेत समस्त कार्यकारिणी एवं सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में व्यापार व उद्योग जगत के विशेषज्ञों ओर विभिन्न जिलो के उद्यमियों मे रचना त्रिपाठी, अशोक गांधी, प्रेम धमीजा, देव राज महता, अनिल अग्रवाल, अंकुश जैन, जतीश जैन, संजय गोयल, नवीन गोयल, अभय जैन, रविंद्र कुमार, अमन जैन, इंद्र मोहन अग्रवाल वकिल चंद सिगला ने भी विचार साझा किए।

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