सुभाष चौधरी /The Public World
नई दिल्ली : भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य-एल1 मिशन 2 सितंबर, 2023 को सुबह 11:50 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा. आदित्य एल 1 सूर्य का अध्ययन करने वाला पहला अंतरिक्ष आधारित वेधशाला है . सूर्य की निगराणी के लिए भेजे जा रहे इस उपग्रह के सभी पेलोड (उपकरणों) का परीक्षण पूरा कर लिया गया है। संकेत है कि इसका आखिरी रिव्यू भी कर लिया गया है.
यह जानकारी इसरो की ओर से ट्विटर के माध्य से साझा की गई है. इसरो ने आदित्य एल 1 की लांचिंग को देखने के लिए आम नागरिकों के पंजीकरण की व्यवस्था की है. इसके लिए शीघ्र ही लिंक जारी किया जायेगा .
आदित्य L-1 से सोलर कोरोनल इजेक्शन यानी सूर्य के ऊपरी वायुमंडल से निकलने वाली लपटों का एनालिसिस किया जाएगा। ये लपटें हमारे कम्युनिकेशन नेटवर्क व पृथ्वी पर होने वाली इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों को प्रभावित करती हैं।
सूर्य को जानने के लिए दुनियाभर से अमेरिका, जर्मनी, यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने कुल मिलाकर 22 मिशन भेजे हैं। सबसे ज्यादा मिशन अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने भेजे हैं।
NASA ने पहला सूर्य मिशन पायोनियर-5 साल 1960 में भेजा था। जर्मनी ने अपना पहला सूर्य मिशन 1974 में NASA के साथ मिलकर भेजा था। यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने अपना पहला मिशन NASA के साथ मिलकर 1994 में भेजा था।

