जी 20 सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा : हमें यूक्रेन-रूस जंग को रोकने का रास्ता खोजना होगा

Font Size

नई दिल्ली /बाली : इंडोनेशिया के बाली में मंगलवार को G20 समिट शुरू हुई। फर्स्ट सेशन में फूड एंड एनर्जी सिक्योरिटी पर चर्चा हुई। इसमें PM मोदी ने कहा- कोरोना और इसके बाद यूक्रेन संकट ने दुनिया में तबाही मचाई है। UN भी इन मुद्दों पर कुछ नहीं कर पाया। हमें यूक्रेन-रूस जंग को रोकने का रास्ता खोजना होगा। इसकी वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन-रूस जंग रोकने पर जोर दिया।

समिट के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद मोदी से मिलने पहुंचे। दरअसल, मोदी बाइडेन को देख नहीं पाए थे। वो दूसरी तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बाइडेन ने उन्हें पुकारा और फिर दोनों ठहाके लगाते नजर आए। कुछ मिनट बाद प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को बुलाया और उनसे बातचीत की।

इसके बाद मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे। भारतीय समुदाय  को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया और बाली आने के बाद हर हिंदुस्तानी को एक अलग अहसास होता है। मैं भी वही वाइब्रेशन्स फील कर रहा हूं। हमारा हजारों साल पुराना रिश्ता है। हम हजारों साल से इस परंपरा को निभा रहे हैं। हम बाली में हैं और यहां से डेढ़ हजार किलोमीटर दूर कटक में बाली जात्रा (यात्रा) चल रही है। हम लोग अकसर बातचीत में कहते हैं- इट्स ए स्मॉल वर्ल्ड। समंदर की लहरों ने दोनों देशों के नातों को जीवंत बना रखा है। भारतीय यहां के विकास में सहयात्री बने हुए हैं।

जी 20 सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा : हमें यूक्रेन-रूस जंग को रोकने का रास्ता खोजना होगा 2पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश सुख-दुख के साथी हैं। 2018 में जब यहां भूकंप आया तो हमने ऑपरेशन समुद्र मैत्रीयी चलाया था। हम 99 नॉटिकल मील दूर नहीं, 99 नॉटिकल पास हैं। 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में बहुत फर्क है। वो जो बहुत बड़ा फर्क वो मोदी नहीं है, वो स्किल और स्पीड है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की जो कुल आबादी है, उतने तो हमने बैंक अकाउंट खोले हैं। 55 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए हैं। यह पूरी धरती के करीब-करीब डेढ़ चक्कर लगाने के बराबर है।

उन्होंने भारत की नई तस्वीर पेश करते हुए कहा कि कोरोना काल में भारत ने अपने नागरिकों को जितनी वैक्सीन डोज मुफ्त में लगाईं वो अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की आबादी के ढाई गुना ज्यादा है। इसलिए मैं कहता हूं कि भारत बदला है। हम स्वार्थी नहीं हैं। दुनिया को हमसे अपेक्षा है। हम जिम्मेदारी से इसे पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगला प्रवासी भारतीय सम्मेलन अगले साल जनवरी में इंदौर में होगा। यह भारत का सबसे स्वच्छ शहर है। इंदौर आएं तो अहमदाबाद के काइट फेस्टिवल में भी आइए। अपने साथ इंडोनेशिया के कुछ परिवारों को भी लाइए।

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: