नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी का साथ छोड़ा, राज्यपाल को इस्तीफा और नई सरकार गठन दोनों का पत्र सौंपा

Font Size

पटना : बिहार से एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है. सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ अपना गठबंधन खत्‍म कर लिया है. अब महागठबंधन के साथ सरकार बनाएंगे. सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी पर जेडीयू को कमजोर करने का आरोप लगाया है

बिहार में पिछले कई दिनों से इसकी पटकथा लिखने के संकेत मिल रहे थे. आज नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार ने पटना राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा दिया. उन्होंने 164 विधायकों के समर्थन का पत्र भी राज्यपाल को सौंपा है . जाहिर है उन्होंने सरकार गठन के लिए समर्थन देने वालों में राजद, कांग्रेस, हम और वामदल शामिल है. . इसके बाद नीतीश कुमार सीधे आरजेडी नेता राबड़ी देवी के आवास पहुंचे. इस दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद थे . यहां बैठक के बाद नीतीश और तेजस्वी पैदल मार्च कर एक अणे मार्ग पहुंचे. यहां महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों) में शामिल नेता मौजूद थे. बैठक में नीतीश कुमार को महागठबंधन का नेता चुना गया.

इसके बाद नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और ललन  सिंह एक ही गाड़ी में सवार होकर राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया. तेजस्वी यादव नई सरकार में उपमुख्यमंत्री होंगे. बताया नीतीश ने 164 विधायकों का समर्थन वाली चिट्ठी सौंपी है. इनमें 45 जेडीयू के, 79 आरजेडी के, 19 कांग्रेस के और 21 अन्य विधायकों के नाम शामिल हैं.

आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जद (यू) नेता नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से कहा कि 2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं और एक नया अध्याय शुरू करें.

इससे पूर्व राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने मिडिया से बातचीत में कहा कि  उनकी पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों में आम सहमति बनी कि उन्हें एनडीए को  छोड़ देना चाहिए.

इससे पहले नीतीश कुमार ने आज सुबह 11 बजे जदयू के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा ने उन्हें हमेशा अपमानित किया. उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से जेडीयू को खत्म करने की साजिश रची गई.  2020 से ही उनका वर्तमान गठबंधन उन्हें कमजोर करने की कोशिश करता रहा. उन्होंने लोजपा रामबिलास के नेता चिराग पासवान का नाम लिए बिना कहा कि वह एक ऐसा उदाहरण थे. सीएम ने साफ़ कहा कि अगर वे अभी सतर्क नहीं हुए तो यह पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा.

बताया जाता है कि जदयू की बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन किया. सभी का कहना था कि नितीश कुमार जो भी फैसला लेंगे वे हमेशा उनके साथ रहेंगे. बैठक के बाद जदयू के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा , “नए रूप में नए गठबंधन के नेतृत्व के लिए नीतीश कुमार को बधाई.”

दूसरी तरफ राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन की बैठक भी आज हुई. इस बैठक में राजद के विधायक, एमएलसी और राज्यसभा सांसदों ने तेजस्वी यादव को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया. उधर कांग्रेस और वाम दलों के विधायक पहले ही कह चुके हैं कि वे तेजस्वी यादव के साथ हैं. राजद सूत्रों का कहना है कि पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव भी हर हलचल पर करीब से नजर रख रहे हैं, लेकिन सब कुछ तेजस्वी यादव कर रहे हैं.

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: